बोले मेरे परिवार ने गांव के रास्तों के लिए दान दे दी 47 कनाल जमीन।
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शिमला , 22 जनवरी [ शिवानी ] ! जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले लालसिंगी गांव में चल रहा जमीन विवाद अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। इस विवाद में अब पूर्व विधायक सतपाल रायजादा भी खुलकर सामने आ गए हैं। वर्तमान विधायक सतपाल सिंह सत्ती द्वारा गांव में जमीन हड़पने को लेकर दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए पूर्व विधायक ने न सिर्फ आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि मौजूदा विधायक को खुली चुनौती भी दे डाली। पूर्व विधायक का कहना है कि जिस परिवार ने अपने गांव के विकास के लिए सैकड़ों साल पुरानी पैतृक जमीन दान कर दी हो, उस पर अवैध कब्जे के आरोप लगाना पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने गांव की एकता, आपसी भाईचारे और विकास को नुकसान पहुंचाने का आरोप भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगाया है। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि सच्चाई सामने लाने के लिए वे किसी भी निष्पक्ष जांच से पीछे नहीं हटेंगे। लालसिंगी गांव में इन दिनों चल रहे जमीन विवाद को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इस मुद्दे पर पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने मौजूदा विधायक सतपाल सिंह सत्ती पर तीखा हमला बोला है। रायजादा ने कहा कि विधायक सत्ती अगर अपने आरोपों को लेकर इतने ही गंभीर हैं तो वे खुद गांव में आकर जमीन की निशानदेही और पैमाइश करवा लें। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति या परिवार द्वारा अवैध कब्जा किया गया है, तो उसे हटवाने की जिम्मेदारी भी मौजूदा विधायक की ही होगी। पूर्व विधायक ने कहा कि उनके परिवार ने लालसिंगी गांव के विकास के लिए 47 कनाल जमीन केवल रास्तों और गलियों के निर्माण हेतु दान दी है। ऐसे में उनके परिवार पर जमीन कब्जाने के आरोप पूरी तरह निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं। उन्होंने विधायक पर गंदी राजनीति करने और गांव का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। रायजादा ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता विधायक के इशारे पर गांव में हो-हल्ला कर रहे हैं और सड़कों व गलियों को बंद करवाने का झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तथाकथित कमेटी के जरिए उनके और उनके परिवार के खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है, जबकि लालसिंगी गांव के भविष्य का फैसला बाहरी लोग नहीं कर सकते। रायजादा ने चेतावनी देते हुए कहा कि गांव के लोग हमेशा आपसी भाईचारे के साथ रहे हैं, लेकिन अगर किसी ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग पांच कनाल जमीन खरीदकर 20 कनाल पर कब्जा किए बैठे हैं, विधायक को उन मामलों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए। पूर्व विधायक ने अंत में स्पष्ट किया कि गांव का एक भी रास्ता सरकारी जमीन पर नहीं बना है, बल्कि सभी रास्ते उनके परिवार की निजी जमीन पर बनाए गए हैं।
शिमला , 22 जनवरी [ शिवानी ] ! जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले लालसिंगी गांव में चल रहा जमीन विवाद अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। इस विवाद में अब पूर्व विधायक सतपाल रायजादा भी खुलकर सामने आ गए हैं। वर्तमान विधायक सतपाल सिंह सत्ती द्वारा गांव में जमीन हड़पने को लेकर दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए पूर्व विधायक ने न सिर्फ आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि मौजूदा विधायक को खुली चुनौती भी दे डाली।
पूर्व विधायक का कहना है कि जिस परिवार ने अपने गांव के विकास के लिए सैकड़ों साल पुरानी पैतृक जमीन दान कर दी हो, उस पर अवैध कब्जे के आरोप लगाना पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने गांव की एकता, आपसी भाईचारे और विकास को नुकसान पहुंचाने का आरोप भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगाया है। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि सच्चाई सामने लाने के लिए वे किसी भी निष्पक्ष जांच से पीछे नहीं हटेंगे।
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लालसिंगी गांव में इन दिनों चल रहे जमीन विवाद को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इस मुद्दे पर पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने मौजूदा विधायक सतपाल सिंह सत्ती पर तीखा हमला बोला है। रायजादा ने कहा कि विधायक सत्ती अगर अपने आरोपों को लेकर इतने ही गंभीर हैं तो वे खुद गांव में आकर जमीन की निशानदेही और पैमाइश करवा लें। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति या परिवार द्वारा अवैध कब्जा किया गया है, तो उसे हटवाने की जिम्मेदारी भी मौजूदा विधायक की ही होगी।
पूर्व विधायक ने कहा कि उनके परिवार ने लालसिंगी गांव के विकास के लिए 47 कनाल जमीन केवल रास्तों और गलियों के निर्माण हेतु दान दी है। ऐसे में उनके परिवार पर जमीन कब्जाने के आरोप पूरी तरह निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं। उन्होंने विधायक पर गंदी राजनीति करने और गांव का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। रायजादा ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता विधायक के इशारे पर गांव में हो-हल्ला कर रहे हैं और सड़कों व गलियों को बंद करवाने का झूठा प्रचार कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तथाकथित कमेटी के जरिए उनके और उनके परिवार के खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है, जबकि लालसिंगी गांव के भविष्य का फैसला बाहरी लोग नहीं कर सकते। रायजादा ने चेतावनी देते हुए कहा कि गांव के लोग हमेशा आपसी भाईचारे के साथ रहे हैं, लेकिन अगर किसी ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग पांच कनाल जमीन खरीदकर 20 कनाल पर कब्जा किए बैठे हैं, विधायक को उन मामलों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए। पूर्व विधायक ने अंत में स्पष्ट किया कि गांव का एक भी रास्ता सरकारी जमीन पर नहीं बना है, बल्कि सभी रास्ते उनके परिवार की निजी जमीन पर बनाए गए हैं।
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