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शिमला , 24 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य केसर नेगी ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले को लेकर बीजेपी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय विमल नेगी के गुमशुदा होने से लेकर संदिग्ध परिस्थितियों में पार्थिव शरीर मिलने तक प्रदेश सरकार ने परिजनों को हर संभव सहयोग दिया। स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने परिवार की हर स्तर पर मदद की और पार्थिव शरीर शिमला पहुंचने पर मुख्यमंत्री के समक्ष परिजनों का पक्ष मजबूती से रखा। केसर नेगी ने कहा कि बिना किसी जांच के ही एचपीसीसीएल के उच्चाधिकारी देसराज का निलंबन सुनिश्चित किया गया, जिन पर परिजन इंजीनियर विमल नेगी को प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे थे। इसके बावजूद बीजेपी नेताओं ने इस पूरे मामले को राजनीतिक अवसर के रूप में लिया और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास किया। केसर नेगी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जगह-जगह सीबीआई जांच की मांग उठाई और कहा कि सीबीआई को जांच मिलने पर पीड़ितों को न्याय मिलेगा तथा सरकार के कई लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीबीआई को जांच मिले महीनों बीत चुके हैं, लेकिन अब तक जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है और इस पर बीजेपी नेता चुप हैं। उन्होंने कहा कि जिस तत्परता से नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य बीजेपी नेताओं ने प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन कर मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की, अब वही लोग जांच की धीमी गति पर कोई सवाल नहीं उठा रहे हैं। केसर नेगी ने कहा कि बीजेपी ने इस पूरे प्रकरण को केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया और परिजनों की संवेदनाओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं रहा। वही इस दौरान हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य केसर नेगी ने नौ तोड़ का मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा. केसर नेगी ने कहा कि नौ तोड़ का मुद्दा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र के हित से जुड़ा हुआ मामले है. उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के जिला किन्नौर लाहौल स्पीति और जिला चंबा का बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है. लेकिन इस मामले पर भी भाजपा ने प्रदेश में केवल राजनीति की उन्होंने कहा कि अब तक कि मामला लंबित पड़ा हुआ है जिससे जनजाति क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
शिमला , 24 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य केसर नेगी ने शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले को लेकर बीजेपी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय विमल नेगी के गुमशुदा होने से लेकर संदिग्ध परिस्थितियों में पार्थिव शरीर मिलने तक प्रदेश सरकार ने परिजनों को हर संभव सहयोग दिया।
स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने परिवार की हर स्तर पर मदद की और पार्थिव शरीर शिमला पहुंचने पर मुख्यमंत्री के समक्ष परिजनों का पक्ष मजबूती से रखा। केसर नेगी ने कहा कि बिना किसी जांच के ही एचपीसीसीएल के उच्चाधिकारी देसराज का निलंबन सुनिश्चित किया गया, जिन पर परिजन इंजीनियर विमल नेगी को प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे थे। इसके बावजूद बीजेपी नेताओं ने इस पूरे मामले को राजनीतिक अवसर के रूप में लिया और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास किया।
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केसर नेगी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जगह-जगह सीबीआई जांच की मांग उठाई और कहा कि सीबीआई को जांच मिलने पर पीड़ितों को न्याय मिलेगा तथा सरकार के कई लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीबीआई को जांच मिले महीनों बीत चुके हैं, लेकिन अब तक जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं है और इस पर बीजेपी नेता चुप हैं।
उन्होंने कहा कि जिस तत्परता से नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य बीजेपी नेताओं ने प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन कर मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की, अब वही लोग जांच की धीमी गति पर कोई सवाल नहीं उठा रहे हैं। केसर नेगी ने कहा कि बीजेपी ने इस पूरे प्रकरण को केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया और परिजनों की संवेदनाओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं रहा।
वही इस दौरान हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य केसर नेगी ने नौ तोड़ का मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा. केसर नेगी ने कहा कि नौ तोड़ का मुद्दा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र के हित से जुड़ा हुआ मामले है. उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के जिला किन्नौर लाहौल स्पीति और जिला चंबा का बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है. लेकिन इस मामले पर भी भाजपा ने प्रदेश में केवल राजनीति की उन्होंने कहा कि अब तक कि मामला लंबित पड़ा हुआ है जिससे जनजाति क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।
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