पंचायत चुनावों से भाग रही सुक्खू सरकार, लोकतंत्र का गला घोंटने की साजिश : राजेंद्र राणा !
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हमीरपुर, 7 फरवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर पंचायत चुनावों को टालकर लोकतंत्र के मूल ढांचे को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाने से घबरा रही है, इसलिए पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की नींव है, लेकिन सुक्खू सरकार इस नींव को ही हिलाने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव कराने की बजाय सरकार कानूनी पैंतरेबाजी कर रही है, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार को अपनी जनविरोधी नीतियों का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि तीन साल के शासनकाल में सरकार ने हर वर्ग—किसान, कर्मचारी, युवा, महिलाएं और व्यापारी—सभी को केवल झूठी गारंटियों और खोखले वादों का झुनझुना पकड़ा दिया। सत्ता में आने के बाद एक भी बड़ी गारंटी धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दी। राणा ने डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने को केवल बहाना करार देते हुए सवाल उठाया कि ट्राइबल क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में कहां ऐसी आपदा है, जहां सड़कें बंद हों या सामान्य जनजीवन ठप हो। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में आपदा की स्थिति है तो मुख्यमंत्री राहत कार्यों में नजर क्यों नहीं आते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार दिल्ली के दौरे और फाइव स्टार होटलों में ठहरने में व्यस्त हैं, जो आपदा का रोना रोने वाली सरकार के दावों पर सवाल खड़ा करता है। जनता मुश्किल में है और सरकार आराम फरमा रही है। राणा ने कहा कि पंचायत चुनावों से बचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और समय पर चुनाव करवाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब मांग रही है और कांग्रेस सरकार को अपने वादाखिलाफी का हिसाब देना ही होगा।
हमीरपुर, 7 फरवरी [ बिंदिया ठाकुर ] ! हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर पंचायत चुनावों को टालकर लोकतंत्र के मूल ढांचे को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के बीच जाने से घबरा रही है, इसलिए पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही है।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की नींव है, लेकिन सुक्खू सरकार इस नींव को ही हिलाने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव कराने की बजाय सरकार कानूनी पैंतरेबाजी कर रही है, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार को अपनी जनविरोधी नीतियों का डर सता रहा है।
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उन्होंने कहा कि तीन साल के शासनकाल में सरकार ने हर वर्ग—किसान, कर्मचारी, युवा, महिलाएं और व्यापारी—सभी को केवल झूठी गारंटियों और खोखले वादों का झुनझुना पकड़ा दिया। सत्ता में आने के बाद एक भी बड़ी गारंटी धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दी। राणा ने डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने को केवल बहाना करार देते हुए सवाल उठाया कि ट्राइबल क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अन्य हिस्सों में कहां ऐसी आपदा है, जहां सड़कें बंद हों या सामान्य जनजीवन ठप हो। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में आपदा की स्थिति है तो मुख्यमंत्री राहत कार्यों में नजर क्यों नहीं आते।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार दिल्ली के दौरे और फाइव स्टार होटलों में ठहरने में व्यस्त हैं, जो आपदा का रोना रोने वाली सरकार के दावों पर सवाल खड़ा करता है। जनता मुश्किल में है और सरकार आराम फरमा रही है।
राणा ने कहा कि पंचायत चुनावों से बचना इस बात का प्रमाण है कि सरकार को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देगी और समय पर चुनाव करवाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब मांग रही है और कांग्रेस सरकार को अपने वादाखिलाफी का हिसाब देना ही होगा।
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