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शिमला , 19 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भरमौर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा लाडा (LADA) फंड का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। भरमौर के विधायक Dr. Jankraj ने विधानसभा सदन में इस मामले को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक डॉ. जनकराज ने कहा कि भरमौर क्षेत्र में स्थापित जल विद्युत परियोजनाओं के तहत स्थानीय प्रभावितों के लिए लाडा (Local Area Development Authority) फंड में जो राशि जमा की जाती है, वह पिछले कई वर्षों से प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि केवल और केवल परियोजना प्रभावितों के कल्याण और विकास कार्यों पर ही खर्च की जानी चाहिए, लेकिन सरकार इसे अन्य योजनाओं में डायवर्ट करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस फंड का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अपनी योजनाओं में लगाने की योजना बना रही है, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है और इससे प्रभावित लोगों के अधिकारों का हनन होगा। डॉ. जनकराज ने सदन में सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे और उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग इस फैसले का कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि यह विरोध केवल सदन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क पर भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भरमौर जैसे जनजातीय और दूरदराज क्षेत्रों में पहले ही विकास की गति धीमी है और ऐसे में प्रभावितों के लिए निर्धारित फंड का डायवर्जन उनकी समस्याओं को और बढ़ा देगा।
शिमला , 19 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भरमौर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा लाडा (LADA) फंड का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। भरमौर के विधायक Dr. Jankraj ने विधानसभा सदन में इस मामले को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विधायक डॉ. जनकराज ने कहा कि भरमौर क्षेत्र में स्थापित जल विद्युत परियोजनाओं के तहत स्थानीय प्रभावितों के लिए लाडा (Local Area Development Authority) फंड में जो राशि जमा की जाती है, वह पिछले कई वर्षों से प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि केवल और केवल परियोजना प्रभावितों के कल्याण और विकास कार्यों पर ही खर्च की जानी चाहिए, लेकिन सरकार इसे अन्य योजनाओं में डायवर्ट करने की तैयारी कर रही है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस फंड का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अपनी योजनाओं में लगाने की योजना बना रही है, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है और इससे प्रभावित लोगों के अधिकारों का हनन होगा।
डॉ. जनकराज ने सदन में सरकार से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे और उनके विधानसभा क्षेत्र के लोग इस फैसले का कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि यह विरोध केवल सदन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क पर भी आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भरमौर जैसे जनजातीय और दूरदराज क्षेत्रों में पहले ही विकास की गति धीमी है और ऐसे में प्रभावितों के लिए निर्धारित फंड का डायवर्जन उनकी समस्याओं को और बढ़ा देगा।
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