श्री ठाकुर जी की पावन पालकी उठाई, भव्य शोभायात्रा में हुए सम्मिलित
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ऊना , 04 फरवरी [ विशाल सूद ] ! उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को ऊना ज़िले के कोटला कलां स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति द्वारा आयोजित वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका तथा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री ने श्रद्धा-भाव के साथ भगवान श्री राधा-कृष्ण की पावन पालकी उठाई और भव्य शोभायात्रा में सम्मिलित होकर परिक्रमा पूर्ण की। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा भी इस अवसर पर साथ रहे। शोभायात्रा के लिए सुसज्जित विशेष वाहन में उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री तथा विधायक विवेक शर्मा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के साथ विराजमान रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सभी श्रद्धालुओं को उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराएं हमारी पहचान की आधारशिला हैं। इन परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास और विरासत, दोनों को समान रूप से आगे बढ़ाया जाए। ऊना ज़िले की अपनी विशिष्ट ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। यहां स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं, जिनके सुदृढ़ीकरण और सुविधा विस्तार के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे महान संत समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं और उनकी उपस्थिति से सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को बल मिलता है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना सरकार की निरंतर प्राथमिकता है। उन्होंने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संत समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके सान्निध्य से सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना को बल मिलता है।
ऊना , 04 फरवरी [ विशाल सूद ] ! उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को ऊना ज़िले के कोटला कलां स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति द्वारा आयोजित वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन में भाग लिया।
इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका तथा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री ने श्रद्धा-भाव के साथ भगवान श्री राधा-कृष्ण की पावन पालकी उठाई और भव्य शोभायात्रा में सम्मिलित होकर परिक्रमा पूर्ण की। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा भी इस अवसर पर साथ रहे।
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शोभायात्रा के लिए सुसज्जित विशेष वाहन में उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री तथा विधायक विवेक शर्मा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के साथ विराजमान रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सभी श्रद्धालुओं को उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराएं हमारी पहचान की आधारशिला हैं। इन परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास और विरासत, दोनों को समान रूप से आगे बढ़ाया जाए। ऊना ज़िले की अपनी विशिष्ट ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। यहां स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं, जिनके सुदृढ़ीकरण और सुविधा विस्तार के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे महान संत समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं और उनकी उपस्थिति से सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को बल मिलता है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना सरकार की निरंतर प्राथमिकता है।
उन्होंने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संत समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके सान्निध्य से सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना को बल मिलता है।
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