*क्षेत्रीय अस्पताल में मनाया गया विश्व क्षय रोग दिवस*
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ऊना, 24 मार्च [ विशाल सूद ] - स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला ऊना द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जिला स्तरीय विश्व क्षय रोग दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने इस जिला स्तरीय विश्व क्षय रोग दिवस के उपलक्ष्य पर निक्षय वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। उन्होंने कहा कि जिला ऊना क्षय रोग नियंत्रण के लिए अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिलामें आशा वर्करों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों के अंतर्गत विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें टीमें घर-घर जाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में जागरूक किया जाएगा और क्षय रोग के संभावित रोगियों का क्षय रोग की जांच के लिए चयनित कर, संभावित रोगियों के एक्सरे जांच व बलगम के नमूने गांव-गांव में निक्षय वाहन के माध्यम एकत्रित किए जाएंगे। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला में टीबी जांच की दर में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की गई है और यह प्रसन्नता का विषय है जिला ऊना टीबी मुक्त भारत के तहत सभी श्रेणियों में नम्बर वन पर है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले के पांच अस्पतालों में अत्याधुनिक तकनीक से क्षय रोग की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों की शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार और पोषण सहायता को प्राथमिकता देते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय मनकोटिया ने बताया कि विश्व क्षय रोग दिवस वर्ष 1982 से हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है । इसका उद्देश्य टीबी (तपेदिक) पर नियंत्रण की दिशा में हासिल की गई उपलब्धियों को याद दिलाना और उनका सम्मान करना है। उन्होंने जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ विशाल ठाकुर व क्षयरोग नियंत्रण के लिए कार्य कर रहे समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों को जिला ऊना में क्षयरोग कार्यक्रम में बेहतर सेवाएं देने के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया की जिला ऊना ने वर्ष 2025 में 31029 संभावित रोगियों की जांच की गई व जिला में 796 क्षय रोगी दर्ज किए गए जिनका उपचार निशुल्क विभिन स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत किया जा रहा है। उन्होंने क्षय रोग नियंत्रण के लिए आमजन को इस अभियान में बढ़-़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया ताकि क्षय रोगियों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके व शीघ्र अति शीघ्र उपचार भी सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी रोगी की जान को बचाया जा सके। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ विशाल ठाकुर ने विश्व टीबी दिवस के अवसर पर बताया कि, हम टीबी उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं और टीबी मुक्त भारत की दिशा में सामूहिक प्रयासों को सुदृढ़ करते हैं। यह दिन शीघ्र निदान, संपूर्ण उपचार, पोषण संबंधी सहायता और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है। निक्षय मित्र जैसी पहलों के माध्यम से व्यक्तियों और संगठनों को टीबी रोगियों को पोषण और मनोसामाजिक सहायता प्रदान करके उनका समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उपचार के परिणाम और स्वास्थ्य लाभ में सुधार होता है। इस अवसर पर जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण, जिला क्षयरोग एवं एच आई वी कार्यक्रम समन्वयक गुलशन कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश ठाकुर , वरिष्ठ क्षय रोग लैब निरीक्षक संदीप धीर अस्पताल का समस्त स्टाफ सहित नर्सिंग छात्राएं उपस्थित रहीं।
ऊना, 24 मार्च [ विशाल सूद ] - स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला ऊना द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जिला स्तरीय विश्व क्षय रोग दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने इस जिला स्तरीय विश्व क्षय रोग दिवस के उपलक्ष्य पर निक्षय वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।
उन्होंने कहा कि जिला ऊना क्षय रोग नियंत्रण के लिए अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिलामें आशा वर्करों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों के अंतर्गत विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें टीमें घर-घर जाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में जागरूक किया जाएगा और क्षय रोग के संभावित रोगियों का क्षय रोग की जांच के लिए चयनित कर, संभावित रोगियों के एक्सरे जांच व बलगम के नमूने गांव-गांव में निक्षय वाहन के माध्यम एकत्रित किए जाएंगे।
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अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला में टीबी जांच की दर में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की गई है और यह प्रसन्नता का विषय है जिला ऊना टीबी मुक्त भारत के तहत सभी श्रेणियों में नम्बर वन पर है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले के पांच अस्पतालों में अत्याधुनिक तकनीक से क्षय रोग की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों की शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार और पोषण सहायता को प्राथमिकता देते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ संजय मनकोटिया ने बताया कि विश्व क्षय रोग दिवस वर्ष 1982 से हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है । इसका उद्देश्य टीबी (तपेदिक) पर नियंत्रण की दिशा में हासिल की गई उपलब्धियों को याद दिलाना और उनका सम्मान करना है। उन्होंने जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ विशाल ठाकुर व क्षयरोग नियंत्रण के लिए कार्य कर रहे समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों को जिला ऊना में क्षयरोग कार्यक्रम में बेहतर सेवाएं देने के लिए बधाई दी।
उन्होंने बताया की जिला ऊना ने वर्ष 2025 में 31029 संभावित रोगियों की जांच की गई व जिला में 796 क्षय रोगी दर्ज किए गए जिनका उपचार निशुल्क विभिन स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत किया जा रहा है। उन्होंने क्षय रोग नियंत्रण के लिए आमजन को इस अभियान में बढ़-़चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया ताकि क्षय रोगियों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके व शीघ्र अति शीघ्र उपचार भी सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी रोगी की जान को बचाया जा सके।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ विशाल ठाकुर ने विश्व टीबी दिवस के अवसर पर बताया कि, हम टीबी उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं और टीबी मुक्त भारत की दिशा में सामूहिक प्रयासों को सुदृढ़ करते हैं। यह दिन शीघ्र निदान, संपूर्ण उपचार, पोषण संबंधी सहायता और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है। निक्षय मित्र जैसी पहलों के माध्यम से व्यक्तियों और संगठनों को टीबी रोगियों को पोषण और मनोसामाजिक सहायता प्रदान करके उनका समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उपचार के परिणाम और स्वास्थ्य लाभ में सुधार होता है।
इस अवसर पर जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण, जिला क्षयरोग एवं एच आई वी कार्यक्रम समन्वयक गुलशन कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक राकेश ठाकुर , वरिष्ठ क्षय रोग लैब निरीक्षक संदीप धीर अस्पताल का समस्त स्टाफ सहित नर्सिंग छात्राएं उपस्थित रहीं।
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