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हमीरपुर ,07 मार्च [ बिंदिया ठाकुर ] ! हिमाचल बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री पर जोरदार हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की मौजूदा स्थिति ऐसी हो चुकी है कि यहां आर्थिक इमरजेंसी के साथ-साथ पॉलिटिकल इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं। प्रदेश की सत्ता की बागडोर जिस व्यक्ति के हाथ में है, वह अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखाई दे रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि सुक्खू के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से कांग्रेस के कई विधायक, कैबिनेट मंत्री, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग, पेंशनर, कर्मचारी, व्यापारी और यहां तक कि पत्रकार भी परेशान हैं। मुख्यमंत्री का रवैया इतना तानाशाही हो चुका है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के वे नेता भी असहज हो चुके हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन खून-पसीने से पार्टी को खड़ा करने में लगा दिया। राजेंद्र राणा ने कहा कि हाल ही में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से घोषित प्रत्याशी अनुराग शर्मा को आम कार्यकर्ता बताने की कोशिश की जा रही है, जबकि हकीकत यह है कि पिछले दो वर्षों में उन्हें करोड़ों रुपये के सरकारी टेंडर दिए गए। अब जब उनकी करोड़ों की संपत्ति, कई गाड़ियों और बड़े आर्थिक साम्राज्य का खुलासा हुआ है, तो यह साफ हो गया है कि आम कार्यकर्ता का नाम लेकर कुछ और ही खेल खेला जा रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्यसभा सीट को लेकर दुबई में आखिर किस तरह की डील हुई और कितने पैसों में यह सौदा तय हुआ, इसका जवाब सीधे मुख्यमंत्री को देना चाहिए। यह बेहद गंभीर मामला है और इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा, आज वही कार्यकर्ता दरकिनार कर दिए गए हैं। प्रदेश में “मित्रों वाली सरकार” चल रही है, जहां मित्रों को मालामाल किया जा रहा है और समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर उनका राजनीतिक भविष्य खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हिमाचल की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी।
हमीरपुर ,07 मार्च [ बिंदिया ठाकुर ] ! हिमाचल बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री पर जोरदार हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की मौजूदा स्थिति ऐसी हो चुकी है कि यहां आर्थिक इमरजेंसी के साथ-साथ पॉलिटिकल इमरजेंसी जैसे हालात बन गए हैं। प्रदेश की सत्ता की बागडोर जिस व्यक्ति के हाथ में है, वह अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखाई दे रहा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि सुक्खू के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से कांग्रेस के कई विधायक, कैबिनेट मंत्री, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग, पेंशनर, कर्मचारी, व्यापारी और यहां तक कि पत्रकार भी परेशान हैं। मुख्यमंत्री का रवैया इतना तानाशाही हो चुका है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के वे नेता भी असहज हो चुके हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन खून-पसीने से पार्टी को खड़ा करने में लगा दिया।
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राजेंद्र राणा ने कहा कि हाल ही में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से घोषित प्रत्याशी अनुराग शर्मा को आम कार्यकर्ता बताने की कोशिश की जा रही है, जबकि हकीकत यह है कि पिछले दो वर्षों में उन्हें करोड़ों रुपये के सरकारी टेंडर दिए गए। अब जब उनकी करोड़ों की संपत्ति, कई गाड़ियों और बड़े आर्थिक साम्राज्य का खुलासा हुआ है, तो यह साफ हो गया है कि आम कार्यकर्ता का नाम लेकर कुछ और ही खेल खेला जा रहा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्यसभा सीट को लेकर दुबई में आखिर किस तरह की डील हुई और कितने पैसों में यह सौदा तय हुआ, इसका जवाब सीधे मुख्यमंत्री को देना चाहिए। यह बेहद गंभीर मामला है और इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा, आज वही कार्यकर्ता दरकिनार कर दिए गए हैं। प्रदेश में “मित्रों वाली सरकार” चल रही है, जहां मित्रों को मालामाल किया जा रहा है और समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर उनका राजनीतिक भविष्य खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हिमाचल की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी।
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