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शिमला , 05 मार्च [ विशाल सूद ] ! राज्यसभा चुनाव को लेकर हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने टिकट न मिलने पर अपनी पीड़ा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से निशब्द हैं और कभी-कभी राजनीति में सच बोलने और स्वाभिमान की कीमत चुकानी पड़ती है। आनंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी और देश की सेवा की है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें गहरा आहत किया है। उन्होंने संकेत दिया कि राजनीति में अपने विचार खुलकर रखने और स्वाभिमान के साथ काम करने की वजह से उन्हें इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने राज्यसभा चुनाव के लिए नए चेहरे को आगे किया है, जिसके बाद यह विवाद और चर्चा तेज हो गई है। हालांकि आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि वह पार्टी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएंगे, लेकिन उनका कहना है कि सिद्धांतों से समझौता करना उनके स्वभाव में नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आनंद शर्मा का यह बयान हिमाचल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
शिमला , 05 मार्च [ विशाल सूद ] ! राज्यसभा चुनाव को लेकर हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने टिकट न मिलने पर अपनी पीड़ा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले से निशब्द हैं और कभी-कभी राजनीति में सच बोलने और स्वाभिमान की कीमत चुकानी पड़ती है।
आनंद शर्मा ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी और देश की सेवा की है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें गहरा आहत किया है। उन्होंने संकेत दिया कि राजनीति में अपने विचार खुलकर रखने और स्वाभिमान के साथ काम करने की वजह से उन्हें इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
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राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने राज्यसभा चुनाव के लिए नए चेहरे को आगे किया है, जिसके बाद यह विवाद और चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि वह पार्टी के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएंगे, लेकिन उनका कहना है कि सिद्धांतों से समझौता करना उनके स्वभाव में नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आनंद शर्मा का यह बयान हिमाचल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
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