- विज्ञापन (Article Top Ad) -
चम्बा , 20 मार्च [ विशाल सूद ] ! चम्बा जिला के नन्हें मास्टर सात्विक वर्मा ने अपनी असाधारण प्रतिभा से सबको हैरान कर दिया है। मात्र 4 साल की उम्र में सात्विक ने कलाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराकर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि हिमाचल प्रदेश का मान बढ़ाया है। सात्विक ने यह विश्व रिकॉर्ड नोएडा में वन- हैंड साइक्लिंग में बनाया है। उन्होंने बिना किसी साइड सपोर्ट के, केवल एक हाथ से साइकिल चलाते हुए 6 मिनट से अधिक समय तक संतुलन बनाए रखा। इतनी कम उम्र में बिना किसी बाहरी मदद के इस तरह का शारीरिक संतुलन और कौशल दिखाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विदित रहे कि सात्विक का जन्म 13 अगस्त 2021 को चम्बा में हुआ था। सात्विक के पिता नितिन वर्मा और माता शालिनी वर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और वर्तमान में नोएडा में कार्यरत हैं। माता- पिता ने सात्विक की इस प्रतिभा को पहचाना और उसे निखारने में पूरा सहयोग दिया। सात्विक की इस सफलता पर चम्बा में रह रहे दादा-दादी और नाना-नानी ने भी हर्ष व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों और परिचितों के बीच सात्विक लिटिल चैंपियन के रूप में उभरा है। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए सात्विक उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की है। बहरहाल, सात्विक ने साबित कर दिखाया है कि अगर सही दिशा और प्रोत्साहन मिले, तो प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
चम्बा , 20 मार्च [ विशाल सूद ] ! चम्बा जिला के नन्हें मास्टर सात्विक वर्मा ने अपनी असाधारण प्रतिभा से सबको हैरान कर दिया है। मात्र 4 साल की उम्र में सात्विक ने कलाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराकर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि हिमाचल प्रदेश का मान बढ़ाया है। सात्विक ने यह विश्व रिकॉर्ड नोएडा में वन- हैंड साइक्लिंग में बनाया है।
उन्होंने बिना किसी साइड सपोर्ट के, केवल एक हाथ से साइकिल चलाते हुए 6 मिनट से अधिक समय तक संतुलन बनाए रखा। इतनी कम उम्र में बिना किसी बाहरी मदद के इस तरह का शारीरिक संतुलन और कौशल दिखाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विदित रहे कि सात्विक का जन्म 13 अगस्त 2021 को चम्बा में हुआ था।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
सात्विक के पिता नितिन वर्मा और माता शालिनी वर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और वर्तमान में नोएडा में कार्यरत हैं। माता- पिता ने सात्विक की इस प्रतिभा को पहचाना और उसे निखारने में पूरा सहयोग दिया। सात्विक की इस सफलता पर चम्बा में रह रहे दादा-दादी और नाना-नानी ने भी हर्ष व्यक्त किया है।
स्थानीय निवासियों और परिचितों के बीच सात्विक लिटिल चैंपियन के रूप में उभरा है। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए सात्विक उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की है। बहरहाल, सात्विक ने साबित कर दिखाया है कि अगर सही दिशा और प्रोत्साहन मिले, तो प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -