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चम्बा , 13 फरवरी [ शिवानी ] ! 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की अपनी मांगों को लेकर शुरू की गई हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रही। सीटू के बैनर तले चम्बा में डीसी ऑफिस के बाहर कर्मचारियों ने जोरदार धरना- प्रदर्शन किया और सरकार व आउटसोर्स कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारी लंबे समय से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन न तो सरकार और न ही कंपनी उनकी मांगों पर गौर कर रही है। हाईकोर्ट ने 2020 में ही कर्मचारियों को ₹17,000 न्यूनतम वेतन देने के आदेश दिए थे, लेकिन आज 2026 होने के बावजूद उन्हें एक पैसा भी बढ़ाकर नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कर्मचारी अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो कंपनी उन्हें प्रताड़ित करती है और नौकरी से निकालने की धमकियां दी जाती हैं। कर्मचारियों से यह तक लिखवाया जाता है कि वे यूनियन नहीं बनाएंगे और न ही हड़ताल करेंगे। सुदेश ने स्वास्थ्य विभाग, एनएचएम और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी के कारण आज आपातकालीन सेवाएं ठप हैं, जिससे जनता परेशान हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धरना 15 फरवरी तक चम्बा में जारी रहेगा और 16 फरवरी को प्रदेश भर के कर्मचारी शिमला में निदेशालय का घेराव करेंगे। सुदेश ने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारी स्किल्ड वर्कर हैं, लेकिन उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा है, यह गुलामी जैसा है। अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।
चम्बा , 13 फरवरी [ शिवानी ] ! 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की अपनी मांगों को लेकर शुरू की गई हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी रही। सीटू के बैनर तले चम्बा में डीसी ऑफिस के बाहर कर्मचारियों ने जोरदार धरना- प्रदर्शन किया और सरकार व आउटसोर्स कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारी लंबे समय से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन न तो सरकार और न ही कंपनी उनकी मांगों पर गौर कर रही है। हाईकोर्ट ने 2020 में ही कर्मचारियों को ₹17,000 न्यूनतम वेतन देने के आदेश दिए थे, लेकिन आज 2026 होने के बावजूद उन्हें एक पैसा भी बढ़ाकर नहीं दिया गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कर्मचारी अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो कंपनी उन्हें प्रताड़ित करती है और नौकरी से निकालने की धमकियां दी जाती हैं। कर्मचारियों से यह तक लिखवाया जाता है कि वे यूनियन नहीं बनाएंगे और न ही हड़ताल करेंगे। सुदेश ने स्वास्थ्य विभाग, एनएचएम और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी के कारण आज आपातकालीन सेवाएं ठप हैं, जिससे जनता परेशान हो रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धरना 15 फरवरी तक चम्बा में जारी रहेगा और 16 फरवरी को प्रदेश भर के कर्मचारी शिमला में निदेशालय का घेराव करेंगे। सुदेश ने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारी स्किल्ड वर्कर हैं, लेकिन उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा है, यह गुलामी जैसा है। अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।
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