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शिमला , 12 फरवरी [ विशाल सूद ] ! विद्युत नीति 2025 के खिलाफ गुरुवार को राष्ट्रीय विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) द्वारा बिजली क्षेत्र के निजीकरण, विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025, प्रस्तावित राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 और बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के मूददे को लेकर कुमार हाउस में हल्ला बोला।केंद्र द्वारा लाये गए बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में आज पूरे प्रदेश भर में विद्युत कर्मी टूल डाउन व पेन डाउन स्ट्राइक पर रहे।विद्युत कर्मियों का कहना है इस विधेयक से केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है।वहीं नियमित और स्थायी कार्यों के लिए बिजली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है । वहीं भोजनावकाश के दौरान शिमला के कुमार हाउस में विद्युत कर्मियों ने प्रदर्शन किया। HPSEBL संयुक्त सामान्य समिति के संयोजक हीरालाल वर्मा ने बताया कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में प्रदेश में लगभग 65 तहसीलों पर विद्युत कर्मी इस विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरे है।इस विधेयक में निजीकरण की बात कही गयी है।इसके दुष्परिणाम है जिसका इस प्रदर्शन के माध्यम से विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा जो स्मार्ट मीटर मीटरिंग लाई गई है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।स्मार्ट मीटरिंग जो लाई जा रही है उसके पीछे मकसद निजीकरण है। इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल जो प्रावधान रखे हैं कि मल्टी लाइसेंस कंपनियों को निजी हाथों में दिया जाए।केंद्र सरकार के एजेंडे में निजीकरण है। आरडीजी बंद कर दी गयी है जिसका असर सीधा प्रदेश पर पड़ेगा ।अब केंद्र बोरिंग लिमिट बढ़ा देगा देगा फिर केंद्र के पास जना पड़ेगा तो वह अपने एजेंडे प्रदेश के समक्ष रखेगी जिसमे निजीकरण ओपीएस बंद करना तथा अन्य मूददे ।केंद्र इस तरह प्रदेश को आर्थिक स्थिति का लाभ उठाएगी।
शिमला , 12 फरवरी [ विशाल सूद ] ! विद्युत नीति 2025 के खिलाफ गुरुवार को राष्ट्रीय विद्युत कर्मचारी एवं इंजीनियर समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) द्वारा बिजली क्षेत्र के निजीकरण, विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025, प्रस्तावित राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 और बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के मूददे को लेकर कुमार हाउस में हल्ला बोला।केंद्र द्वारा लाये गए बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में आज पूरे प्रदेश भर में विद्युत कर्मी टूल डाउन व पेन डाउन स्ट्राइक पर रहे।विद्युत कर्मियों का कहना है इस विधेयक से केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है।वहीं नियमित और स्थायी कार्यों के लिए बिजली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है । वहीं भोजनावकाश के दौरान शिमला के कुमार हाउस में विद्युत कर्मियों ने प्रदर्शन किया।
HPSEBL संयुक्त सामान्य समिति के संयोजक हीरालाल वर्मा ने बताया कि बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में प्रदेश में लगभग 65 तहसीलों पर विद्युत कर्मी इस विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरे है।इस विधेयक में निजीकरण की बात कही गयी है।इसके दुष्परिणाम है जिसका इस प्रदर्शन के माध्यम से विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा जो स्मार्ट मीटर मीटरिंग लाई गई है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।स्मार्ट मीटरिंग जो लाई जा रही है उसके पीछे मकसद निजीकरण है।
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इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल जो प्रावधान रखे हैं कि मल्टी लाइसेंस कंपनियों को निजी हाथों में दिया जाए।केंद्र सरकार के एजेंडे में निजीकरण है। आरडीजी बंद कर दी गयी है जिसका असर सीधा प्रदेश पर पड़ेगा ।अब केंद्र बोरिंग लिमिट बढ़ा देगा देगा फिर केंद्र के पास जना पड़ेगा तो वह अपने एजेंडे प्रदेश के समक्ष रखेगी जिसमे निजीकरण ओपीएस बंद करना तथा अन्य मूददे ।केंद्र इस तरह प्रदेश को आर्थिक स्थिति का लाभ उठाएगी।
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