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शिमला , 03 जनवरी [ विशाल सूद ] ! धर्मशाला गवर्नमेंट कॉलेज में 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान हुई मौत का मामला लगातार गर्म आया हुआ है. पीड़िता के परिवार का आरोप है कि युवती के साथ कॉलेज में रैगिंग और उत्पीड़न हुआ. इसके बाद से 19 वर्षीय छात्रा डिप्रेशन में थी. अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. इस मामले को लेकर शिमला में सीपीआईएम ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला. सीपीआईएम ने धर्मशाला पुलिस और कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. लड़की की इलाज के दौरान मौत से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वह शिक्षक पर कई आरोप लगा रही है। परिजनों ने कालेज छात्राओं के खिलाफ रैगिंग और और अध्यापक पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.। पूर्व विधायक और सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा ने कहा कि पूरी व्यवस्था चरमरा गई है. सिंघा ने कहा ये परिस्थिति अचानक पैदा नहीं हुई. जुलाई से मामला चल रहा था, पीड़ित के परिवार ने न्याय के लिए जगह-जगह दर खटखटाया. सिंघा ने कहा कि धर्मशाला लोकल पुलिस को भी डिक्टेट किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद किसी को ऐसी दर्दनाक मौत मिलना बेहद पीड़ा दायक है. सिंघा ने कहा कि अब मामला पुलिस के स्तर पर नहीं छोड़ा जा सकता. पुलिस ने इस मामले में क्या किया इसका परिणाम सबके सामने है. उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती. इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पैरामीटर तय किए जाने चाहिए. जब तक पीड़ित को इंसाफ नहीं मिलता विरोध यूं ही जारी रहेगा.
शिमला , 03 जनवरी [ विशाल सूद ] ! धर्मशाला गवर्नमेंट कॉलेज में 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान हुई मौत का मामला लगातार गर्म आया हुआ है. पीड़िता के परिवार का आरोप है कि युवती के साथ कॉलेज में रैगिंग और उत्पीड़न हुआ. इसके बाद से 19 वर्षीय छात्रा डिप्रेशन में थी. अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. इस मामले को लेकर शिमला में सीपीआईएम ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला.
सीपीआईएम ने धर्मशाला पुलिस और कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. लड़की की इलाज के दौरान मौत से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वह शिक्षक पर कई आरोप लगा रही है। परिजनों ने कालेज छात्राओं के खिलाफ रैगिंग और और अध्यापक पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.।
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पूर्व विधायक और सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा ने कहा कि पूरी व्यवस्था चरमरा गई है. सिंघा ने कहा ये परिस्थिति अचानक पैदा नहीं हुई. जुलाई से मामला चल रहा था, पीड़ित के परिवार ने न्याय के लिए जगह-जगह दर खटखटाया. सिंघा ने कहा कि धर्मशाला लोकल पुलिस को भी डिक्टेट किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद किसी को ऐसी दर्दनाक मौत मिलना बेहद पीड़ा दायक है.
सिंघा ने कहा कि अब मामला पुलिस के स्तर पर नहीं छोड़ा जा सकता. पुलिस ने इस मामले में क्या किया इसका परिणाम सबके सामने है. उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती. इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पैरामीटर तय किए जाने चाहिए. जब तक पीड़ित को इंसाफ नहीं मिलता विरोध यूं ही जारी रहेगा.
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