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शिमला , 05 जनवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की नई पेंशन योजना (NPS) के तहत केंद्र सरकार के पास लंबित लगभग 12 हजार करोड़ की राशि को लेकर हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने शीघ्र निर्णय की मांग की है। साथ ही संघ ने कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन आयोग और अन्य लंबित मांगों को भी उठाया है। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के राज्य अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की NPS/NSDL से जुड़ी लगभग 12 हजार करोड़ की राशि केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है, जो कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम लागू किए जाने के बाद यह आवश्यक हो गया है कि केंद्र सरकार इस लंबित राशि पर शीघ्र और स्पष्ट निर्णय ले, ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असमंजस दूर हो सके। वीरेंद्र चौहान ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी भी प्रकार से राजनीतिक नहीं है, बल्कि पूरी तरह कर्मचारियों के हित और सुरक्षित भविष्य से जुड़ा हुआ है। संघ ने केंद्र सरकार से संवाद और सहयोग के माध्यम से इस मसले का समाधान निकालने की अपील की है। संघ ने राज्य सरकार से दो वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को वर्ष में दो बार नियमित करने, हाल ही में पदोन्नत प्रधानाचार्यों को शीघ्र स्टेशन आवंटित करने और पदोन्नति से वंचित पात्र शिक्षकों के लिए सप्लीमेंट्री सूची जारी करने की मांग की है। इसके अलावा कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस योजना के साथ मेडिकल अलाउंस विकल्प बहाल करने, स्कूल शिक्षा बोर्ड की लेट फीस व पेनल्टी समाप्त करने और केंद्र की तर्ज पर नया वेतन आयोग शीघ्र लागू करने की मांग भी उठाई है।
शिमला , 05 जनवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की नई पेंशन योजना (NPS) के तहत केंद्र सरकार के पास लंबित लगभग 12 हजार करोड़ की राशि को लेकर हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने शीघ्र निर्णय की मांग की है। साथ ही संघ ने कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन आयोग और अन्य लंबित मांगों को भी उठाया है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के राज्य अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की NPS/NSDL से जुड़ी लगभग 12 हजार करोड़ की राशि केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है, जो कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम लागू किए जाने के बाद यह आवश्यक हो गया है कि केंद्र सरकार इस लंबित राशि पर शीघ्र और स्पष्ट निर्णय ले, ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असमंजस दूर हो सके। वीरेंद्र चौहान ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी भी प्रकार से राजनीतिक नहीं है, बल्कि पूरी तरह कर्मचारियों के हित और सुरक्षित भविष्य से जुड़ा हुआ है। संघ ने केंद्र सरकार से संवाद और सहयोग के माध्यम से इस मसले का समाधान निकालने की अपील की है।
संघ ने राज्य सरकार से दो वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को वर्ष में दो बार नियमित करने, हाल ही में पदोन्नत प्रधानाचार्यों को शीघ्र स्टेशन आवंटित करने और पदोन्नति से वंचित पात्र शिक्षकों के लिए सप्लीमेंट्री सूची जारी करने की मांग की है।
इसके अलावा कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस योजना के साथ मेडिकल अलाउंस विकल्प बहाल करने, स्कूल शिक्षा बोर्ड की लेट फीस व पेनल्टी समाप्त करने और केंद्र की तर्ज पर नया वेतन आयोग शीघ्र लागू करने की मांग भी उठाई है।
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