राजपूत महासभा हमीरपुर के महासचिव जोगिंदर सिंह बोले अगर सरकार ने वापिस नहीं लिया बिल तो नेताओं को घुटने टेकने पर करेंगे मजबूर, राजपूत महासभा और सवर्ण समाज के नुमाइंदों ने कहा सरकार लोगों को जाति और धर्म के नाम बांट कर न मांगे बोट, सवर्ण समाज और राजपूत महासभा ने बिल वापिस लेने के लिये उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
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हमीरपुर , 28 जनवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में राजपूत महासभा और स्वर्ण समाज द्वारा यूजीसी बिल का जमकर विरोध किया जा रहा है जिसके चलते राजपूत महासभा और सवर्ण समाज द्वारा हमीरपुर में रैली निकालकर रोष प्रदर्शन किया और केंद्रीय नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। राजपूत महासभा हमीरपुर और सवर्ण समाज के नुमाइंदों ने उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से बिल वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। राजपूत महासभा हमीरपुर ने आरोप लगाया है कि यूजीसी बिल की अधिसूचना को जारी करके केंद्र सरकार ने सवर्ण समाज के साथ विश्वासघात किया है । उन्होंने कहा कि 1990 में बीजेपी समर्थित वीपी सिंह सरकार ने मंडल रिपोर्ट को लागू करके और हजारों सामान्य वर्ग के नौजवानों के जीवन की आहुति ली थी। राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर सिंह ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो नेताओं को चुनाव के समय सवर्ण समाज घुटने टेकने के लिए मजबूर कर देगा। वही इस मौके पर हमीरपुर राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर सिंह ने कहा कि सरकार है लोगों को जाति के आधार पर बांटने का काम कर रही है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो यूजीसी बिल लागू किया जा रहा है उसका वह कड़ा विरोध करते हैं उन्होंने कहा कि अगर समय रहते केंद्र सरकार ने बिल को वापस नहीं लिया तो सवर्ण समाज द्वारा चुनाव के समय नेताओं को घुटने टेकने पर मजबूर कर देगा। वहीं हमीरपुर व्यापार मंडल के प्रधान सुमित ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा परित यूजीसी बिल का वह विरोध करते हैं । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सवर्ण समाज के साथ धोखा कर रही है। यूजीसी बिल का वह कड़ा विरोध करते हैं । उन्होंने कहा कि यूजीसी बिल के कारण समाज में जातिगत भेदभाव बढ़ेगा। आंदोलन की भी सुमित ठाकुर ने कहा कि अगर सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो एक बहुत बड़े आंदोलन की शुरुआत होगी।
हमीरपुर , 28 जनवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में राजपूत महासभा और स्वर्ण समाज द्वारा यूजीसी बिल का जमकर विरोध किया जा रहा है जिसके चलते राजपूत महासभा और सवर्ण समाज द्वारा हमीरपुर में रैली निकालकर रोष प्रदर्शन किया और केंद्रीय नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। राजपूत महासभा हमीरपुर और सवर्ण समाज के नुमाइंदों ने उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से बिल वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।
राजपूत महासभा हमीरपुर ने आरोप लगाया है कि यूजीसी बिल की अधिसूचना को जारी करके केंद्र सरकार ने सवर्ण समाज के साथ विश्वासघात किया है । उन्होंने कहा कि 1990 में बीजेपी समर्थित वीपी सिंह सरकार ने मंडल रिपोर्ट को लागू करके और हजारों सामान्य वर्ग के नौजवानों के जीवन की आहुति ली थी। राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर सिंह ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो नेताओं को चुनाव के समय सवर्ण समाज घुटने टेकने के लिए मजबूर कर देगा।
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वही इस मौके पर हमीरपुर राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर सिंह ने कहा कि सरकार है लोगों को जाति के आधार पर बांटने का काम कर रही है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो यूजीसी बिल लागू किया जा रहा है उसका वह कड़ा विरोध करते हैं उन्होंने कहा कि अगर समय रहते केंद्र सरकार ने बिल को वापस नहीं लिया तो सवर्ण समाज द्वारा चुनाव के समय नेताओं को घुटने टेकने पर मजबूर कर देगा।
वहीं हमीरपुर व्यापार मंडल के प्रधान सुमित ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा परित यूजीसी बिल का वह विरोध करते हैं । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सवर्ण समाज के साथ धोखा कर रही है। यूजीसी बिल का वह कड़ा विरोध करते हैं । उन्होंने कहा कि यूजीसी बिल के कारण समाज में जातिगत भेदभाव बढ़ेगा। आंदोलन की भी सुमित ठाकुर ने कहा कि अगर सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो एक बहुत बड़े आंदोलन की शुरुआत होगी।
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