कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अभिभावक सहभागिता तथा समाज में सकारात्मक संदेश देना रहा। बैठक की अध्यक्षता श्रीमती आशा कुमारी स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने की
- विज्ञापन (Article Top Ad) -
चम्बा , 03 मार्च [ शिवानी ] ! सर्वप्रथम विद्यालय में पुस्तक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया*, जिसके अंतर्गत सभी विद्यार्थियों को समय पर निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे सत्र के प्रारंभ से ही नियमित रूप से अध्ययन कर सकें। इस अवसर पर बच्चों में नए सत्र के प्रति उत्साह और लगन देखने को मिली। इसके उपरांत “*शिक्षा संवाद*” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों के साथ बच्चों की शिक्षा, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। *विशेष रूप से “पहली शिक्षक माँ”* की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया गया कि बच्चे के जीवन की पहली पाठशाला उसका घर होता है और माँ उसके व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला रखती है। अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके संस्कारों और व्यवहार पर भी विशेष ध्यान दें। विद्यालय में *ईको क्लब की बैठक भी संपन्न हुई* जिसमें पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विद्यार्थियों को प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। एक पेड़ माँ के नाम के अंतर्गत रोपे गए पेड़ों की सुरक्षा योजना बनाई गयी। रोपे गए 19 पेड़ों में केवल एक पेड़ किसी शरारती तत्व द्वारा उखाड़ा गया है बाकी 18 पेड़ कामयाब हुए हैं। उस पेड़ के स्थान पर नया पेड़ लगाया जाएगा। साथ ही विद्यालय परिसर को पूर्ण रूप से *तंबाकू मुक्त संस्थान* बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया। इसके अतिरिक्त प्रदेश में चल रहे “ *चिट्टा मुक्त हिमाचल”* अभियान के समर्थन में सभी ने नशा उन्मूलन का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक के दौरान विद्यालय में नामांकन (Enrollment) बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों एवं अभिभावकों ने मिलकर यह रणनीति बनाई कि क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ा जाए, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त कक्षा चौथी एवं 5वीं के सिलेबस में हुए बदलाव को लेकर भी जानकारी साझा की गई और अभिभावकों को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप बच्चों को सहयोग देने का आग्रह किया गया। आपदा प्रबंधन समिति की बैठक का भी विद्यालय में आयोजन किया गया। बच्चों के अपहरण, आग, पानी, भूकंप लैण्ड स्लाइड, पागल कुत्तों से, जंगली सूअर और बंदरों से बचाव बारे भी जागरूक किया गया। विद्यालय प्रभारी सुनील जरियाल ने बताया कि विद्यालय को बाउंड्रीवाल की आवश्यकता है जिसके लिए प्राक्कलन बनवा कर संपूर्ण दस्तावेज सहित फाइल जिलाधीश चम्बा कार्यालय को दिसम्बर माह में ही भिजवा दिया गया है, विद्यालय में बाउंड्रीवाल न होने से बच्चों की सुरक्षा हेतू परेशानी आती है इसी लिए बजट हेतू माननीय जिलाधीश महोदय के पत्र अनुसार बजट डिमांड भेज दी गई है उम्मीद है कि बच्चों की सुरक्षा हेतू शीघ्र बजट मुहैया करवाया जाएगा। इस अवसर पर एसएमसी अध्यक्षा श्रीमती आशा देवी , पूर्व अध्यक्षा श्रीमती रीता कुमारी एवं लता कुमारी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। अन्य अभिभावकों में मनोज कुमार, सिलो कुमारी, शशि कला, हितेश कुमारी, पूजा, सुषमा, कुशमा और कुंता देवी उपस्थित रहीं। विद्यालय इंचार्ज ने सभी अभिभावकों, ग्रामीणों एवं शिक्षकों का सहयोग हेतु आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय परिवार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यालय परिवार भविष्य में भी इसी प्रकार शैक्षणिक, सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
चम्बा , 03 मार्च [ शिवानी ] ! सर्वप्रथम विद्यालय में पुस्तक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया*, जिसके अंतर्गत सभी विद्यार्थियों को समय पर निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे सत्र के प्रारंभ से ही नियमित रूप से अध्ययन कर सकें। इस अवसर पर बच्चों में नए सत्र के प्रति उत्साह और लगन देखने को मिली।
इसके उपरांत “*शिक्षा संवाद*” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों के साथ बच्चों की शिक्षा, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। *विशेष रूप से “पहली शिक्षक माँ”* की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया गया कि बच्चे के जीवन की पहली पाठशाला उसका घर होता है और माँ उसके व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला रखती है। अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके संस्कारों और व्यवहार पर भी विशेष ध्यान दें।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
विद्यालय में *ईको क्लब की बैठक भी संपन्न हुई* जिसमें पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विद्यार्थियों को प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। एक पेड़ माँ के नाम के अंतर्गत रोपे गए पेड़ों की सुरक्षा योजना बनाई गयी।
रोपे गए 19 पेड़ों में केवल एक पेड़ किसी शरारती तत्व द्वारा उखाड़ा गया है बाकी 18 पेड़ कामयाब हुए हैं। उस पेड़ के स्थान पर नया पेड़ लगाया जाएगा। साथ ही विद्यालय परिसर को पूर्ण रूप से *तंबाकू मुक्त संस्थान* बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया।
इसके अतिरिक्त प्रदेश में चल रहे “ *चिट्टा मुक्त हिमाचल”* अभियान के समर्थन में सभी ने नशा उन्मूलन का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक के दौरान विद्यालय में नामांकन (Enrollment) बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों एवं अभिभावकों ने मिलकर यह रणनीति बनाई कि क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ा जाए, ताकि वे गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त कर सकें।
इसके अतिरिक्त कक्षा चौथी एवं 5वीं के सिलेबस में हुए बदलाव को लेकर भी जानकारी साझा की गई और अभिभावकों को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप बच्चों को सहयोग देने का आग्रह किया गया।
आपदा प्रबंधन समिति की बैठक का भी विद्यालय में आयोजन किया गया। बच्चों के अपहरण, आग, पानी, भूकंप लैण्ड स्लाइड, पागल कुत्तों से, जंगली सूअर और बंदरों से बचाव बारे भी जागरूक किया गया। विद्यालय प्रभारी सुनील जरियाल ने बताया कि विद्यालय को बाउंड्रीवाल की आवश्यकता है जिसके लिए प्राक्कलन बनवा कर संपूर्ण दस्तावेज सहित फाइल जिलाधीश चम्बा कार्यालय को दिसम्बर माह में ही भिजवा दिया गया है, विद्यालय में बाउंड्रीवाल न होने से बच्चों की सुरक्षा हेतू परेशानी आती है इसी लिए बजट हेतू माननीय जिलाधीश महोदय के पत्र अनुसार बजट डिमांड भेज दी गई है उम्मीद है कि बच्चों की सुरक्षा हेतू शीघ्र बजट मुहैया करवाया जाएगा।
इस अवसर पर एसएमसी अध्यक्षा श्रीमती आशा देवी , पूर्व अध्यक्षा श्रीमती रीता कुमारी एवं लता कुमारी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। अन्य अभिभावकों में मनोज कुमार, सिलो कुमारी, शशि कला, हितेश कुमारी, पूजा, सुषमा, कुशमा और कुंता देवी उपस्थित रहीं।
विद्यालय इंचार्ज ने सभी अभिभावकों, ग्रामीणों एवं शिक्षकों का सहयोग हेतु आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय परिवार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यालय परिवार भविष्य में भी इसी प्रकार शैक्षणिक, सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -