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चम्बा , 24 फरवरी [ शिवानी ] ! नगर परिषद चम्बा द्वारा प्रस्तावित हाउस टैक्स में भारी बढ़ोतरी को लेकर शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। आज जनपद चम्बा के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने उपायुक्त चम्बा और नगर परिषद की कनिष्ठ अभियंता को एक ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। लोगों ने बताया कि वर्ष 2023 में भी टैक्स में बेतहाशा वृद्धि का प्रयास किया गया था, जिसे भारी विरोध के बाद टाल दिया गया था। अब फिर से उसी दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व में हुए समझौते के अनुसार सैटेलाइट सर्वे और पार्षदों की उपस्थिति में निष्पक्ष सर्वे की बात कही गई थी। इसके विपरीत, हाल ही में कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा बिना किसी तकनीकी अधिकारी या राजस्व सहायक के घर-घर सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की गई है। न तो संपत्ति कर की अवधारणा स्पष्ट की गई है और न ही कर गणना का कोई सार्वजनिक फॉर्मूला सांझा किया गया है। नागरिकों ने शहर की बदहाल स्थिति पर भी रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था दयनीय है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।शहर की सड़कों की मरम्मत वर्षों से नहीं हुई है और ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह बाधित है। ऐसी स्थिति में भारी कर वृद्धि को जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा किवर्तमान हाउस टैक्स निर्धारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। पारदर्शी और तकनीकी आधार पर पुनः सर्वे करवाया जाए। नगर परिषद एक खुली बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर टैक्स गणना की पद्धति जनता के सामने स्पष्ट करे। साथ ही चम्बा एक आकांक्षी जिला है, इसलिए न्यूनतम दरों पर कर निर्धारित कर राहत दी जाए। इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
चम्बा , 24 फरवरी [ शिवानी ] ! नगर परिषद चम्बा द्वारा प्रस्तावित हाउस टैक्स में भारी बढ़ोतरी को लेकर शहरवासियों और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। आज जनपद चम्बा के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने उपायुक्त चम्बा और नगर परिषद की कनिष्ठ अभियंता को एक ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है।
लोगों ने बताया कि वर्ष 2023 में भी टैक्स में बेतहाशा वृद्धि का प्रयास किया गया था, जिसे भारी विरोध के बाद टाल दिया गया था। अब फिर से उसी दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व में हुए समझौते के अनुसार सैटेलाइट सर्वे और पार्षदों की उपस्थिति में निष्पक्ष सर्वे की बात कही गई थी।
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इसके विपरीत, हाल ही में कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा बिना किसी तकनीकी अधिकारी या राजस्व सहायक के घर-घर सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की गई है। न तो संपत्ति कर की अवधारणा स्पष्ट की गई है और न ही कर गणना का कोई सार्वजनिक फॉर्मूला सांझा किया गया है।
नागरिकों ने शहर की बदहाल स्थिति पर भी रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था दयनीय है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।शहर की सड़कों की मरम्मत वर्षों से नहीं हुई है और ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह बाधित है। ऐसी स्थिति में भारी कर वृद्धि को जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा किवर्तमान हाउस टैक्स निर्धारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। पारदर्शी और तकनीकी आधार पर पुनः सर्वे करवाया जाए। नगर परिषद एक खुली बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर टैक्स गणना की पद्धति जनता के सामने स्पष्ट करे। साथ ही चम्बा एक आकांक्षी जिला है, इसलिए न्यूनतम दरों पर कर निर्धारित कर राहत दी जाए। इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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