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चम्बा , 24 फरवरी [ शिवानी ] ! न्यू पेंशन स्कीम इम्प्लॉइज एसोसिएशन (NPSEA) जिला चम्बा के जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल की अध्यक्षता में कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर माननीय शिक्षा मंत्री श्री रोहित ठाकुर जी को मांग पत्र सौंपा गया। 1. विद्युत विभाग और जिला परिषद कर्मचारियों का विभागीय मर्जर और पुरानी पेंशन बहाली।2. एनएसडीएल से कर्मचारियों के 12000 करोड़ वापसी बारे।3. जेबीटी से टीजीटी आर्ट्स ,मेडिकल, नान मेडिकल प्रमोशन शीघ्र करने बारे।4. बीआरसीसी की नियुक्ति बारे। जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिला परिषद कर्मचारियों का विभागीय मर्जर जिसका आश्वासन उनके धरने पर आकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ने स्वयं दिया था वो अभी तक अधूरा है। उनको पुरानी पेंशन का लाभ तभी मिलेगा जब वो विभागीय कर्मचारी बनेंगे। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री महोदय बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए कई बार पुरानी पेंशन देने की बात कह चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी पुरानी पेंशन बहाली नहीं हुई है। जरियाल ने बताया कि ये वो कर्मचारी हैं जिन्होंने न्यू पेंशन योजना कर्मचारी महासंघ के साथ सड़कों पर एक साथ संघर्ष किया था। अब जब ओपीएस बहाली हुई है तो इन दोनों विभागीय कर्मचारियों के मन में वो टीस उठना लाजमी है कि जब संघर्ष साथ किया तो लाभ साथ क्यों नहीं मिल रहे। जरियाल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने जहां एक साथ 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों की ओपीएस बहाली की है तो इन दोनों वर्गों के 10000 कर्मचारी प्रदेश पर कितना भार डाल देंगे ? ये विचारणीय पक्ष है। इनको भी शीघ्र पुरानी पेंशन के दायरे में लाया जाना चाहिए। ताकि पुरानी पेंशन की गारन्टी पूरी तरह से पूर्ण हो सके। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष सरकार चुनावों में जाने वाली है और कर्मचारियों की भूमिका पिछली सरकार बनाने में अहम रही है। जिस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन किया था अगर उसके कुछ लाभार्थी उससे वंचित रह जायेंगे तो ये स्तिथि कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ साथ सरकार के लिए भी विकट होगी इसीलिए *माननीय शिक्षा मंत्री महोदय के माध्यम से इन दोनों वर्ग के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाली का मामला कैबिनेट से हल करने बारे आग्रह किया गया है*। एनपीएस कर्मचारियों के लगभग 12000 करोड़ रुपये एनएसडीएल से वापस लाने का मामला लंबे समय से लंबित है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय में अनावश्यक देरी करना कर्मचारियों के हितों के विपरीत है। वित्त विभाग 5 बार ऐसे कर्मचारियों का डाटा विभागों से मांग चुका है जिनकी नियुक्ति 15.05.2003 से पहले विज्ञापन के आधार पर हुई है। मीडिया को जानकारी देते हुए अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षा विभाग बार बार लगातार 5 बार डाटा मंगवा रहा है लेकिन उसे निदेशालय स्तर से आगे नहीं भेजा जा रहा। जबकि वित्त विभाग तब तक उसका आकलन नहीं कर सकता जब तक शिक्षा विभाग उसे वित्त विभाग को नहीं भेजता। ऐसे जे बी टी 1800 से 2200 हैं जिनकी नियुक्ति 15.05.2003 से पहले के विज्ञापन के आधार पर हुई है जिसके सपोर्टिंग दस्तावेज वो कई बार जमा करवा चुके हैं किन्तु हर बार निदेशालय से वो डाटा आगे नहीं भेजा जाता है और न ही स्तिथि स्पष्ट की जाती है कि किस कारण से डाटा नहीं भेजा जा रहा। शिक्षा मंत्री महोदय के समक्ष समस्त दस्तावेज जमा करवाए गए एवं निदेशालय से स्तिथि स्पष्ट करने का आग्रह किया गया। इसके अतिरिक्त जेबीटी से टीजीटी (Arts), मेडिकल व नॉन-मेडिकल पदों पर पदोन्नति को शीघ्र लागू करने, टीजीटी आर्ट्स के पूरे पैनल को एकमुश्त वन टाइम् रिलेक्सेशन के अंतर्गत प्रमोशन देने का मामला उठाया गया। आर्ट्स संकाय के कर्मचारी 16 वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे हैं लेकिन अभी तक पदोन्नति नहीं हुई है जबकि अन्य संकाय के जूनियर भी प्रमोशन ले चुके हैं। इसीलिए एकमुश्त छूट के साथ आर्ट्स संकाय के पूरे पैनल को पदोन्नति देने की माँग माननीय शिक्षा मंत्री महोदय के समक्ष रखी गई। शिक्षा विभाग में बी आर सी सी भर्ती का अंतिम परिणाम जल्द घोषित कर नियुक्तियां प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने मांग की कि प्रत्येक खंड में दो बीआरसीसी की नियुक्ति टेस्ट के अनुसार शीघ्र सुनिश्चित की जाए। कर्मचारियों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होना था किंतु जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा पास नहीं कर पाए वो न्यायालय में चले गए जबकि न्यायालय ने परिणाम घोषित करने की कोई रोक नहीं लगाई है। इसीलिए मंत्री महोदय से आग्रह किया गया है कि जल्द एक खंड में 2 बीआरसीसी नियुक्त किए जाएं। संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी प्रदेश की उन्नति और सरकार की योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, अतः उनकी जायज मांगों पर सरकार को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।महासंघ ने आशा व्यक्त की है कि माननीय शिक्षा मंत्री महोदय कर्मचारियों की इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान करेंगे।
चम्बा , 24 फरवरी [ शिवानी ] ! न्यू पेंशन स्कीम इम्प्लॉइज एसोसिएशन (NPSEA) जिला चम्बा के जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल की अध्यक्षता में कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर माननीय शिक्षा मंत्री श्री रोहित ठाकुर जी को मांग पत्र सौंपा गया।
1. विद्युत विभाग और जिला परिषद कर्मचारियों का विभागीय मर्जर और पुरानी पेंशन बहाली।
2. एनएसडीएल से कर्मचारियों के 12000 करोड़ वापसी बारे।
3. जेबीटी से टीजीटी आर्ट्स ,मेडिकल, नान मेडिकल प्रमोशन शीघ्र करने बारे।
4. बीआरसीसी की नियुक्ति बारे।
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जिला अध्यक्ष ने बताया कि जिला परिषद कर्मचारियों का विभागीय मर्जर जिसका आश्वासन उनके धरने पर आकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ने स्वयं दिया था वो अभी तक अधूरा है। उनको पुरानी पेंशन का लाभ तभी मिलेगा जब वो विभागीय कर्मचारी बनेंगे। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री महोदय बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए कई बार पुरानी पेंशन देने की बात कह चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी पुरानी पेंशन बहाली नहीं हुई है।
जरियाल ने बताया कि ये वो कर्मचारी हैं जिन्होंने न्यू पेंशन योजना कर्मचारी महासंघ के साथ सड़कों पर एक साथ संघर्ष किया था। अब जब ओपीएस बहाली हुई है तो इन दोनों विभागीय कर्मचारियों के मन में वो टीस उठना लाजमी है कि जब संघर्ष साथ किया तो लाभ साथ क्यों नहीं मिल रहे।
जरियाल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने जहां एक साथ 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों की ओपीएस बहाली की है तो इन दोनों वर्गों के 10000 कर्मचारी प्रदेश पर कितना भार डाल देंगे ? ये विचारणीय पक्ष है। इनको भी शीघ्र पुरानी पेंशन के दायरे में लाया जाना चाहिए। ताकि पुरानी पेंशन की गारन्टी पूरी तरह से पूर्ण हो सके।
उन्होंने बताया कि अगले वर्ष सरकार चुनावों में जाने वाली है और कर्मचारियों की भूमिका पिछली सरकार बनाने में अहम रही है। जिस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों ने आंदोलन किया था अगर उसके कुछ लाभार्थी उससे वंचित रह जायेंगे तो ये स्तिथि कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ साथ सरकार के लिए भी विकट होगी इसीलिए *माननीय शिक्षा मंत्री महोदय के माध्यम से इन दोनों वर्ग के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाली का मामला कैबिनेट से हल करने बारे आग्रह किया गया है*।
एनपीएस कर्मचारियों के लगभग 12000 करोड़ रुपये एनएसडीएल से वापस लाने का मामला लंबे समय से लंबित है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण विषय में अनावश्यक देरी करना कर्मचारियों के हितों के विपरीत है। वित्त विभाग 5 बार ऐसे कर्मचारियों का डाटा विभागों से मांग चुका है जिनकी नियुक्ति 15.05.2003 से पहले विज्ञापन के आधार पर हुई है।
मीडिया को जानकारी देते हुए अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षा विभाग बार बार लगातार 5 बार डाटा मंगवा रहा है लेकिन उसे निदेशालय स्तर से आगे नहीं भेजा जा रहा। जबकि वित्त विभाग तब तक उसका आकलन नहीं कर सकता जब तक शिक्षा विभाग उसे वित्त विभाग को नहीं भेजता।
ऐसे जे बी टी 1800 से 2200 हैं जिनकी नियुक्ति 15.05.2003 से पहले के विज्ञापन के आधार पर हुई है जिसके सपोर्टिंग दस्तावेज वो कई बार जमा करवा चुके हैं किन्तु हर बार निदेशालय से वो डाटा आगे नहीं भेजा जाता है और न ही स्तिथि स्पष्ट की जाती है कि किस कारण से डाटा नहीं भेजा जा रहा। शिक्षा मंत्री महोदय के समक्ष समस्त दस्तावेज जमा करवाए गए एवं निदेशालय से स्तिथि स्पष्ट करने का आग्रह किया गया।
इसके अतिरिक्त जेबीटी से टीजीटी (Arts), मेडिकल व नॉन-मेडिकल पदों पर पदोन्नति को शीघ्र लागू करने, टीजीटी आर्ट्स के पूरे पैनल को एकमुश्त वन टाइम् रिलेक्सेशन के अंतर्गत प्रमोशन देने का मामला उठाया गया। आर्ट्स संकाय के कर्मचारी 16 वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे हैं लेकिन अभी तक पदोन्नति नहीं हुई है जबकि अन्य संकाय के जूनियर भी प्रमोशन ले चुके हैं। इसीलिए एकमुश्त छूट के साथ आर्ट्स संकाय के पूरे पैनल को पदोन्नति देने की माँग माननीय शिक्षा मंत्री महोदय के समक्ष रखी गई।
शिक्षा विभाग में बी आर सी सी भर्ती का अंतिम परिणाम जल्द घोषित कर नियुक्तियां प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ ने मांग की कि प्रत्येक खंड में दो बीआरसीसी की नियुक्ति टेस्ट के अनुसार शीघ्र सुनिश्चित की जाए। कर्मचारियों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होना था किंतु जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा पास नहीं कर पाए वो न्यायालय में चले गए जबकि न्यायालय ने परिणाम घोषित करने की कोई रोक नहीं लगाई है। इसीलिए मंत्री महोदय से आग्रह किया गया है कि जल्द एक खंड में 2 बीआरसीसी नियुक्त किए जाएं।
संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी प्रदेश की उन्नति और सरकार की योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, अतः उनकी जायज मांगों पर सरकार को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।महासंघ ने आशा व्यक्त की है कि माननीय शिक्षा मंत्री महोदय कर्मचारियों की इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र समाधान करेंगे।
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