ग्रामीण विकास कार्यक्रम ट्रस्ट (आर्ट आफ लिविंग), नाट आन मैप, प्राणा और हिमालय उन्नति मिशन के संयुक्त तत्वावधान में बांटे लैंप
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चम्बा , 01 मार्च [ शिवानी ] ! हिमालय की गोद में बसे दुर्गम गांवों में अब सूरज की रोशनी केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी उजाला फैलाएगी। वीरवार को जिला चंबा के कालाटोप-खजियार और चमीणू लैंडस्केप में हिमालय उन्नति मिशन के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 90 से अधिक सोलर लैंप और मोबाइल चार्जर वितरित किए गए। यह पहल श्रीश्री ग्रामीण विकास कार्यक्रम ट्रस्ट (आर्ट आफ लिविंग), नाट आन मैप, प्राणा और हिमालय उन्नति मिशन के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल और नवीकरणीय ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करना है। इस वितरण अभियान से न केवल घरों का अंधेरा दूर होगा, बल्कि यह शिक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। सोलर लैंप की मदद से छात्र रात के समय बिना किसी बाधा के पढ़ाई कर सकेंगे। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं हस्तशिल्प और अन्य उत्पादन गतिविधियों को शाम के समय भी जारी रख सकेंगी। बिजली और मिट्टी के तेल पर होने वाले खर्च में कमी आएगी, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। सोलर लैंप जैसी पहल युवाओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और महिलाओं की आजीविका को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में आर्ट आफ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक रत्न चंद और समुदाय समन्वयक बलराम गर्ग सहित भारी संख्या में ग्रामीण, महिला समूहों की सदस्य और युवाचार्य उपस्थित रहे।स्थानीय ग्रामीण अपने गांवों को माडल गांव बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। स्थानीय मूल्य श्रृंखलाओं को सशक्त कर चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सोलर लैंप मिलने से लोगों को काफी लाभ मिलेगा। यह पहल आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरक मॉडल के रूप में उभरेगी। कालाटोप और चमीणू जैसे क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा की यह पहुंच आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्थानीय ग्रामीणों के उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग हैं।
चम्बा , 01 मार्च [ शिवानी ] ! हिमालय की गोद में बसे दुर्गम गांवों में अब सूरज की रोशनी केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी उजाला फैलाएगी। वीरवार को जिला चंबा के कालाटोप-खजियार और चमीणू लैंडस्केप में हिमालय उन्नति मिशन के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 90 से अधिक सोलर लैंप और मोबाइल चार्जर वितरित किए गए।
यह पहल श्रीश्री ग्रामीण विकास कार्यक्रम ट्रस्ट (आर्ट आफ लिविंग), नाट आन मैप, प्राणा और हिमालय उन्नति मिशन के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल और नवीकरणीय ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करना है। इस वितरण अभियान से न केवल घरों का अंधेरा दूर होगा, बल्कि यह शिक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
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सोलर लैंप की मदद से छात्र रात के समय बिना किसी बाधा के पढ़ाई कर सकेंगे। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं हस्तशिल्प और अन्य उत्पादन गतिविधियों को शाम के समय भी जारी रख सकेंगी। बिजली और मिट्टी के तेल पर होने वाले खर्च में कमी आएगी, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। सोलर लैंप जैसी पहल युवाओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और महिलाओं की आजीविका को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में आर्ट आफ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक रत्न चंद और समुदाय समन्वयक बलराम गर्ग सहित भारी संख्या में ग्रामीण, महिला समूहों की सदस्य और युवाचार्य उपस्थित रहे।
स्थानीय ग्रामीण अपने गांवों को माडल गांव बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। स्थानीय मूल्य श्रृंखलाओं को सशक्त कर चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सोलर लैंप मिलने से लोगों को काफी लाभ मिलेगा। यह पहल आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरक मॉडल के रूप में उभरेगी।
कालाटोप और चमीणू जैसे क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा की यह पहुंच आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्थानीय ग्रामीणों के उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग हैं।
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