वेतन स्थगित करना 'फिस्कल प्रूडेंस' (वित्तीय अनुशासन) का हिस्सा।
- विज्ञापन (Article Top Ad) -
शिमला , 22 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश बजट घोषणा में वेतन को डेफर (स्थगित) करने के फैसले पर मचे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को पलटवार किया है। जयराम ठाकुर द्वारा प्रदेश में 'वित्तीय आपातकाल' जैसी स्थिति बताने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्षी नेता बोलते रहते है उनके हर सवाल का जवाब विधानसभा के पटल पर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंगज सुक्खू ने कहा कि इस बजट में RDG कटने के बाद जिस वर्ग को राहत की आवश्यकता थी उसे राहत देने की कोशिश की है। साल 1952 से मिलने वाली 'रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट' (RDG) में केंद्र सरकार ने 8 से 10 हजार करोड़ रुपये की कटौती की है। जयराम ठाकुर जी के कार्यकाल में प्रदेश को RDG और जीएसटी कंपनसेशन के रूप में 70,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि वर्तमान सरकार को मात्र 17,000 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। सीएम सुक्खू ने वेतन स्थगित करने के फैसले को 'फिस्कल प्रूडेंस' (वित्तीय अनुशासन) का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि वेतन को केवल 6 महीने के लिए डेफर किया गया है, ताकि बजट का संतुलन बनाया जा सके।हम आने वाले छह महीनों में बड़े सुधार करने जा रहे हैं। वेतन डेफर करने का बोझ भविष्य की सरकारों पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि तब तक सरकार वित्तीय मजबूती हासिल कर चुकी होगी। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष की नीतियों के कारण सरकार को 32,00 करोड़ मिला। भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद किया गया है उन पर रोक लगाई गई है।बीते तीन वर्षों की नीतियों की बदौलत सरकार ने 3,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व कमाया है।आगामी समय में कई योजनाओं का स्वरूप बदला जाएगा ताकि प्रदेश आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से बढ़ सके। वहीं मुख्यमंत्री ने SDRF को अव्वल आने पर बधाई भी दी और उनके सम्मान में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान उन्हें सम्मानित भी किया गया।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ को बधाई देते हुए कहा कि यह हर्ष का विषय है कि छोटा राज्य होने के बावजूद भी हिमाचल सभी राज्यों में अव्वल आया है वहीं उन्होंने एसडीआरएफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दो आपदाओं में इनके द्वारा बेहतरीन कार्य किया गया है।
शिमला , 22 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश बजट घोषणा में वेतन को डेफर (स्थगित) करने के फैसले पर मचे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को पलटवार किया है। जयराम ठाकुर द्वारा प्रदेश में 'वित्तीय आपातकाल' जैसी स्थिति बताने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्षी नेता बोलते रहते है उनके हर सवाल का जवाब विधानसभा के पटल पर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंगज सुक्खू ने कहा कि इस बजट में RDG कटने के बाद जिस वर्ग को राहत की आवश्यकता थी उसे राहत देने की कोशिश की है। साल 1952 से मिलने वाली 'रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट' (RDG) में केंद्र सरकार ने 8 से 10 हजार करोड़ रुपये की कटौती की है। जयराम ठाकुर जी के कार्यकाल में प्रदेश को RDG और जीएसटी कंपनसेशन के रूप में 70,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि वर्तमान सरकार को मात्र 17,000 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
सीएम सुक्खू ने वेतन स्थगित करने के फैसले को 'फिस्कल प्रूडेंस' (वित्तीय अनुशासन) का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि वेतन को केवल 6 महीने के लिए डेफर किया गया है, ताकि बजट का संतुलन बनाया जा सके।हम आने वाले छह महीनों में बड़े सुधार करने जा रहे हैं। वेतन डेफर करने का बोझ भविष्य की सरकारों पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि तब तक सरकार वित्तीय मजबूती हासिल कर चुकी होगी।
उन्होंने कहा कि तीन वर्ष की नीतियों के कारण सरकार को 32,00 करोड़ मिला। भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद किया गया है उन पर रोक लगाई गई है।बीते तीन वर्षों की नीतियों की बदौलत सरकार ने 3,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व कमाया है।आगामी समय में कई योजनाओं का स्वरूप बदला जाएगा ताकि प्रदेश आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से बढ़ सके।
वहीं मुख्यमंत्री ने SDRF को अव्वल आने पर बधाई भी दी और उनके सम्मान में आयोजित अभिनंदन समारोह के दौरान उन्हें सम्मानित भी किया गया।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ को बधाई देते हुए कहा कि यह हर्ष का विषय है कि छोटा राज्य होने के बावजूद भी हिमाचल सभी राज्यों में अव्वल आया है वहीं उन्होंने एसडीआरएफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दो आपदाओं में इनके द्वारा बेहतरीन कार्य किया गया है।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -