- विज्ञापन (Article Top Ad) -
चम्बा , 13 फरवरी [ शिवानी ] ! जिला चम्बा के भनोता स्थित नव-निर्मित भेड़ प्रजनन परिक्षेत्र में ऑस्ट्रेलियन मैरिनो नस्ल की 52 उच्च गुणवत्ता वाली भेड़ों को लाया गया है। इनमें 20 नर (मेल) और 32 मादा (फीमेल) भेड़ें शामिल हैं। इन विशेष नस्ल की भेड़ों के आगमन से जिले में उच्च गुणवत्ता वाली महीन और मुलायम ऊन के उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। ये भेड़ें मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया से लाई गई थीं, जिन्हें पहले रैम सेंटर नगवाई (मंडी) में रखा गया। वहां प्रजनन प्रक्रिया के बाद इन्हें प्रदेश के विभिन्न भेड़ प्रजनन केंद्रों में भेजा जा रहा है। इसी कड़ी में अब इनका एक समूह चम्बा के भनोता केंद्र में पहुंचा है, जहां पहली बार कृत्रिम गर्भाधान (एआई - आर्टिफिशियल इंसिमिनेशन) तकनीक के माध्यम से प्रजनन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऑस्ट्रेलियन मैरिनो नस्ल अपनी अत्यंत नरम, मुलायम और महीन ऊन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस ऊन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान है और इसे ऊंची कीमत पर खरीदा जाता है। यही कारण है कि इस नस्ल को चम्बा लाने का मुख्य उद्देश्य बेहतर नस्ल तैयार करना और ऊन उत्पादन की गुणवत्ता को बढ़ाना है। भनोता भेड़ प्रजनन परिक्षेत्र हाल ही में 100 बीघा भूमि में विकसित किया गया है, जहां 500 भेड़ों के रख-रखाव की व्यवस्था है। इस केंद्र का उद्घाटन 3 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किया गया था। इससे पहले यह केंद्र सरोल में संचालित होता था, जिसे अब भनोता में स्थानांतरित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।यहां तैयार किए जाने वाले उन्नत नस्ल के मेमनों को भविष्य में स्थानीय पशुपालकों और किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। पशुपालन विभाग की सहायक निदेशक पूनम ठाकुर ने बताया कि भनोता भेड़ प्रजनन परिक्षेत्र में 52 ऑस्ट्रेलियन मैरिनो भेड़ें लाई गई हैं, जिनमें 20 नर और 32 मादा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह विशेष नस्ल बेहद उच्च गुणवत्ता की ऊन देती है, जो नरम, मुलायम और महीन होती है। एक भेड़ से एक बार में औसतन 3 से 4 किलोग्राम से लेकर 17-18 किलोग्राम तक ऊन प्राप्त होती है, जिसे बाजार में काफी अच्छी कीमत मिलती है।
चम्बा , 13 फरवरी [ शिवानी ] ! जिला चम्बा के भनोता स्थित नव-निर्मित भेड़ प्रजनन परिक्षेत्र में ऑस्ट्रेलियन मैरिनो नस्ल की 52 उच्च गुणवत्ता वाली भेड़ों को लाया गया है। इनमें 20 नर (मेल) और 32 मादा (फीमेल) भेड़ें शामिल हैं। इन विशेष नस्ल की भेड़ों के आगमन से जिले में उच्च गुणवत्ता वाली महीन और मुलायम ऊन के उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
ये भेड़ें मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया से लाई गई थीं, जिन्हें पहले रैम सेंटर नगवाई (मंडी) में रखा गया। वहां प्रजनन प्रक्रिया के बाद इन्हें प्रदेश के विभिन्न भेड़ प्रजनन केंद्रों में भेजा जा रहा है। इसी कड़ी में अब इनका एक समूह चम्बा के भनोता केंद्र में पहुंचा है, जहां पहली बार कृत्रिम गर्भाधान (एआई - आर्टिफिशियल इंसिमिनेशन) तकनीक के माध्यम से प्रजनन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
ऑस्ट्रेलियन मैरिनो नस्ल अपनी अत्यंत नरम, मुलायम और महीन ऊन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस ऊन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान है और इसे ऊंची कीमत पर खरीदा जाता है। यही कारण है कि इस नस्ल को चम्बा लाने का मुख्य उद्देश्य बेहतर नस्ल तैयार करना और ऊन उत्पादन की गुणवत्ता को बढ़ाना है।
भनोता भेड़ प्रजनन परिक्षेत्र हाल ही में 100 बीघा भूमि में विकसित किया गया है, जहां 500 भेड़ों के रख-रखाव की व्यवस्था है। इस केंद्र का उद्घाटन 3 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किया गया था। इससे पहले यह केंद्र सरोल में संचालित होता था, जिसे अब भनोता में स्थानांतरित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
यहां तैयार किए जाने वाले उन्नत नस्ल के मेमनों को भविष्य में स्थानीय पशुपालकों और किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
पशुपालन विभाग की सहायक निदेशक पूनम ठाकुर ने बताया कि भनोता भेड़ प्रजनन परिक्षेत्र में 52 ऑस्ट्रेलियन मैरिनो भेड़ें लाई गई हैं, जिनमें 20 नर और 32 मादा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह विशेष नस्ल बेहद उच्च गुणवत्ता की ऊन देती है, जो नरम, मुलायम और महीन होती है। एक भेड़ से एक बार में औसतन 3 से 4 किलोग्राम से लेकर 17-18 किलोग्राम तक ऊन प्राप्त होती है, जिसे बाजार में काफी अच्छी कीमत मिलती है।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -