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शिमला , 30 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालक-परिचालक यूनियन ने प्रदेश में कर्मचारियों के साथ बढ़ती मारपीट की घटनाओं के विरोध में कड़ा रुख अपना लिया है। यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन और पुलिस ने उनकी सुरक्षा और मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो पूरे प्रदेश में बसों के पहिए थम सकते हैं। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि अभी हाल ही में राजगढ़ और कांगड़ा में चालकों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजगढ़ की घटना का जिक्र करते हुए कहा गया कि ऐसे हमलों से बस दुर्घटना का शिकार भी हो सकती थी।वहीं कांगड़ा में भी टैक्सी चालकों द्वारा चालक के साथ मारपीट की गई यहां तक को अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि यूनियन का आरोप है कि चालक-परिचालकों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट होने पर पुलिस तुरंत FIR दर्ज नहीं करती। अगर मामला दर्ज होता भी है, तो प्रभावी कार्यवाही नहीं होती और जबरन समझौते का दबाव बनाया जाता है।मान सिंह ने कहा कि यूनियन प्रबंधन से मांग की है कि ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'मेडिपर्सन एक्ट' (या उसके समान सुरक्षा कानून) लागू किया जाए, ताकि कर्मचारी निर्भीक होकर काम कर सकें।इसके साथ ही 4-9-14 का लाभ और समयबद्ध इंक्रीमेंट दिया जाए।ड्राइवरों की रुकी हुई प्रमोशन प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। पेंडिंग वर्दियों का तुरंत वितरण हो (वर्दी न मिलने के बावजूद चालान किए जाने पर कड़ा रोष जताया गया)।यूनियन अध्यक्ष मान सिंह ने जनता से सच का साथ देने की अपील की है, साथ ही प्रबंधन को चेतावनी दी है कि अगर हमारी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो 26 अप्रैल को धर्मशाला में होने वाली बैठक में कड़े निर्णय लिए जाएंगे। स्थिति न सुधरी तो मजबूरन पूरे हिमाचल के सभी रूट बंद करने पड़ेंगे।
शिमला , 30 मार्च [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालक-परिचालक यूनियन ने प्रदेश में कर्मचारियों के साथ बढ़ती मारपीट की घटनाओं के विरोध में कड़ा रुख अपना लिया है। यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन और पुलिस ने उनकी सुरक्षा और मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो पूरे प्रदेश में बसों के पहिए थम सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि अभी हाल ही में राजगढ़ और कांगड़ा में चालकों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजगढ़ की घटना का जिक्र करते हुए कहा गया कि ऐसे हमलों से बस दुर्घटना का शिकार भी हो सकती थी।वहीं कांगड़ा में भी टैक्सी चालकों द्वारा चालक के साथ मारपीट की गई यहां तक को अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि यूनियन का आरोप है कि चालक-परिचालकों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट होने पर पुलिस तुरंत FIR दर्ज नहीं करती। अगर मामला दर्ज होता भी है, तो प्रभावी कार्यवाही नहीं होती और जबरन समझौते का दबाव बनाया जाता है।मान सिंह ने कहा कि यूनियन प्रबंधन से मांग की है कि ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'मेडिपर्सन एक्ट' (या उसके समान सुरक्षा कानून) लागू किया जाए, ताकि कर्मचारी निर्भीक होकर काम कर सकें।इसके साथ ही 4-9-14 का लाभ और समयबद्ध इंक्रीमेंट दिया जाए।ड्राइवरों की रुकी हुई प्रमोशन प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।
पेंडिंग वर्दियों का तुरंत वितरण हो (वर्दी न मिलने के बावजूद चालान किए जाने पर कड़ा रोष जताया गया)।
यूनियन अध्यक्ष मान सिंह ने जनता से सच का साथ देने की अपील की है, साथ ही प्रबंधन को चेतावनी दी है कि अगर हमारी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो 26 अप्रैल को धर्मशाला में होने वाली बैठक में कड़े निर्णय लिए जाएंगे। स्थिति न सुधरी तो मजबूरन पूरे हिमाचल के सभी रूट बंद करने पड़ेंगे।
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