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शिमला , 01 मार्च [ विशाल सूद ] : हिमाचल प्रदेश गवर्नमेंट प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन (HPGPTF) ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई क्लस्टर (संकुल) प्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षकों का मुख्य विरोध इस प्रणाली से उनके प्रमोशन के अवसर खत्म होने और प्राथमिक शिक्षा के ढांचे के साथ कथित "छेड़छाड़" को लेकर है। जिसको लेकर आज प्रदेश भर में शिक्षकों द्वारा आग्रह रैली का आयोजन किया जा रहा है जिसके माध्यम से सरकार को इस अधिसूचना को वापिस लेने का आग्रह किया गया।वहीं शिक्षकों ने यह भी एलान कर दिया है को अगर सरकार इस अधिसूचना को वापिस नही लेती तो शिक्षक लामबंद होकर बड़े आंदोलन का आगाज करेंगे। 23 सितंबर 2023 को जारी क्लस्टर प्रणाली की अधिसूचना का शिक्षक संगठन पहले दिन से ही विरोध कर रहा है, क्योंकि इससे शिक्षकों के हितों की अनदेखी हो रही है।वहीं राज्य में अब तक लगभग 1,968 स्कूल क्लस्टर बनाए जा चुके सरकार का मानना है कि इस प्रणाली का उद्देश्य संसाधनों (लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान) को साझा करना और ग्रामीण शिक्षा को मजबूत करना है। हिमाचल प्रदेश गवर्नमेंट प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन (HPGPTF) के जिला शिमला अध्यक्ष मनोज नेगी ने कहा कि सरकार ने23 सितंबर 2023 को क्लस्टर प्रणाली अधिसूचना जारी की जिसका शिक्षक आज पूरे प्रदेश भर में रैली के माध्यम से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कई मर्तबा मुख्यमंत्री से मिले लेकिन अभी तक उनकी मांगों को अनसुना ही किया गया उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से उनके हकों पर कुठाराघात हो रहा है हो जबकि सरकार का कहना है कि इससे उनके किसी भी हक पर कोई असर नहीं पड़ेगा।जबकि जमीनी स्तर पर ऐसा नही है इसके विरोध में आज शिक्षक सड़कों पर उतरे हैं। क्लस्टर सिस्टम लागू होने से भविष्य में CHT (सेंटर हेड टीचर) और BEEO (ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर) जैसे पदों पर प्रमोशन के अवसर समाप्त हो सकते हैं और आने वाले समय मे जेबीटी के पद से ही सेवानिवृत्ति लेनी पड़ेगी। आज प्रदेश भर में आग्रह रैली का आयोजन किया जा रहा है जिसके द्वारा सरकार से निवेदन करने जा रहे हैं कि हम कोई फाइनेंशियल बेनिफिट नहीं मांग रहे हैं। हम शिक्षकों के सम्मान में मिलने वाला जो पदनाम है उसकी बहाली चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें वार्ता के लिए नही बुलाती तू आने वाले समय में एक बड़ी आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ 23 सितंबर 2025 को शिक्षा विभाग द्वारा जारी क्लस्टर सिस्टम की अधिसूचना को तुरंत रद्द करने की मांग करता है क्योंकि इस प्रणाली के बाद जेबीटी शिक्षकों की भविष्य में होने वाली पदोन्नतियां बाधित हो जाएंगी।
शिमला , 01 मार्च [ विशाल सूद ] : हिमाचल प्रदेश गवर्नमेंट प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन (HPGPTF) ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई क्लस्टर (संकुल) प्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिक्षकों का मुख्य विरोध इस प्रणाली से उनके प्रमोशन के अवसर खत्म होने और प्राथमिक शिक्षा के ढांचे के साथ कथित "छेड़छाड़" को लेकर है।
जिसको लेकर आज प्रदेश भर में शिक्षकों द्वारा आग्रह रैली का आयोजन किया जा रहा है जिसके माध्यम से सरकार को इस अधिसूचना को वापिस लेने का आग्रह किया गया।वहीं शिक्षकों ने यह भी एलान कर दिया है को अगर सरकार इस अधिसूचना को वापिस नही लेती तो शिक्षक लामबंद होकर बड़े आंदोलन का आगाज करेंगे।
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23 सितंबर 2023 को जारी क्लस्टर प्रणाली की अधिसूचना का शिक्षक संगठन पहले दिन से ही विरोध कर रहा है, क्योंकि इससे शिक्षकों के हितों की अनदेखी हो रही है।वहीं राज्य में अब तक लगभग 1,968 स्कूल क्लस्टर बनाए जा चुके सरकार का मानना है कि इस प्रणाली का उद्देश्य संसाधनों (लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान) को साझा करना और ग्रामीण शिक्षा को मजबूत करना है।
हिमाचल प्रदेश गवर्नमेंट प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन (HPGPTF) के जिला शिमला अध्यक्ष मनोज नेगी ने कहा कि सरकार ने23 सितंबर 2023 को क्लस्टर प्रणाली अधिसूचना जारी की जिसका शिक्षक आज पूरे प्रदेश भर में रैली के माध्यम से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कई मर्तबा मुख्यमंत्री से मिले लेकिन अभी तक उनकी मांगों को अनसुना ही किया गया उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से उनके हकों पर कुठाराघात हो रहा है हो जबकि सरकार का कहना है कि इससे उनके किसी भी हक पर कोई असर नहीं पड़ेगा।जबकि जमीनी स्तर पर ऐसा नही है इसके विरोध में आज शिक्षक सड़कों पर उतरे हैं।
क्लस्टर सिस्टम लागू होने से भविष्य में CHT (सेंटर हेड टीचर) और BEEO (ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर) जैसे पदों पर प्रमोशन के अवसर समाप्त हो सकते हैं और आने वाले समय मे जेबीटी के पद से ही सेवानिवृत्ति लेनी पड़ेगी। आज प्रदेश भर में आग्रह रैली का आयोजन किया जा रहा है जिसके द्वारा सरकार से निवेदन करने जा रहे हैं कि हम कोई फाइनेंशियल बेनिफिट नहीं मांग रहे हैं। हम शिक्षकों के सम्मान में मिलने वाला जो पदनाम है उसकी बहाली चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें वार्ता के लिए नही बुलाती तू आने वाले समय में एक बड़ी आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि शिक्षक संघ 23 सितंबर 2025 को शिक्षा विभाग द्वारा जारी क्लस्टर सिस्टम की अधिसूचना को तुरंत रद्द करने की मांग करता है क्योंकि इस प्रणाली के बाद जेबीटी शिक्षकों की भविष्य में होने वाली पदोन्नतियां बाधित हो जाएंगी।
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