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शिमला , 03 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! शिमला में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रही है। उन्होंने दावा किया कि यह मुद्दा विधानसभा सदन में भी उठाया गया, लेकिन न तो सदन में और न ही मीडिया के माध्यम से सरकार की ओर से कोई जवाब दिया गया। इस दौरान संजय गुप्ता द्वारा विधानसभा परिसर में प्रेसवार्ता कर तीन-तीन मुख्य सचिवों के नाम लेने को उन्होंने प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व बताया और कहा कि इससे आम जनता में भ्रम और चिंता का माहौल बना है। रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत भी इस विषय को उठाया, लेकिन सरकार की चुप्पी बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, यहां तक कि ट्रेजरी बंद होने के बाद भी भुगतान को लेकर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जनता और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एंट्री टैक्स के मुद्दे पर सरकार ने पहले कुछ और कहा, जबकि बाद में 5 सीटर वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये का सेस लगाने के बाद अब अन्य टैक्सों का बोझ भी जनता पर डाला जा रहा है, जिससे महंगाई बढ़ेगी। भाजपा विधायक ने सरकार के रोस्टर सिस्टम को भी असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि 31 मार्च को जिला उपायुक्त को 5 प्रतिशत की शक्ति देना गलत है और इसके लिए चुनाव आयोग को विश्वास में लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि एक पंचायत में बदलाव से कई पंचायतें प्रभावित होती हैं, जो ग्रामीण व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है। रणधीर शर्मा ने बजट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विकास के लिए आवंटन 29 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है और टैक्स बढ़ाने के बावजूद राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने हाई कोर्ट के सिटिंग जज से पूरे मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि पुलिस स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार चुनाव टालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनविरोधी निर्णय लेकर जनकल्याणकारी योजनाओं को रोक दिया है और भाजपा अब जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने घोषणा की कि 8 से 11 अप्रैल तक प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
शिमला , 03 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! शिमला में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रही है। उन्होंने दावा किया कि यह मुद्दा विधानसभा सदन में भी उठाया गया, लेकिन न तो सदन में और न ही मीडिया के माध्यम से सरकार की ओर से कोई जवाब दिया गया। इस दौरान संजय गुप्ता द्वारा विधानसभा परिसर में प्रेसवार्ता कर तीन-तीन मुख्य सचिवों के नाम लेने को उन्होंने प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व बताया और कहा कि इससे आम जनता में भ्रम और चिंता का माहौल बना है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत भी इस विषय को उठाया, लेकिन सरकार की चुप्पी बेहद गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, यहां तक कि ट्रेजरी बंद होने के बाद भी भुगतान को लेकर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जनता और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एंट्री टैक्स के मुद्दे पर सरकार ने पहले कुछ और कहा, जबकि बाद में 5 सीटर वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है।
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उन्होंने आगे कहा कि पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपये का सेस लगाने के बाद अब अन्य टैक्सों का बोझ भी जनता पर डाला जा रहा है, जिससे महंगाई बढ़ेगी। भाजपा विधायक ने सरकार के रोस्टर सिस्टम को भी असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि 31 मार्च को जिला उपायुक्त को 5 प्रतिशत की शक्ति देना गलत है और इसके लिए चुनाव आयोग को विश्वास में लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि एक पंचायत में बदलाव से कई पंचायतें प्रभावित होती हैं, जो ग्रामीण व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है।
रणधीर शर्मा ने बजट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विकास के लिए आवंटन 29 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है और टैक्स बढ़ाने के बावजूद राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने हाई कोर्ट के सिटिंग जज से पूरे मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि पुलिस स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार चुनाव टालने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनविरोधी निर्णय लेकर जनकल्याणकारी योजनाओं को रोक दिया है और भाजपा अब जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने घोषणा की कि 8 से 11 अप्रैल तक प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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