जयराम सरकार पर सुक्खू का आरोप, मंडी से सीएम होने के बावजूद नेरचौक में नहीं लग पाई MRI मशीन एम्स दिल्ली की तर्ज पर विकसित होगा नेरचौक मेडिकल कॉलेज, जल्द लगेगी टेस्ला-3 MRI मशीन रोबोटिक सर्जरी की 90% से ज्यादा सटीकता, मरीज को सिर्फ 50 हजार देना होगा खर्च गांव, किसान और मजदूर को बेहतर इलाज देने का प्रयास कर रही प्रदेश सरकार : सुक्खू हिम केयर योजना में भ्रष्टाचार की भी हो रही जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री
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मंडी , 06 मार्च [ विशाल सूद ] : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंडी से मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज नेरचौक को कई जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री रहते हुए भी मेडिकल कॉलेज नेरचौक में एमआरआई मशीन स्थापित नहीं करवा पाए, जबकि यहां डॉक्टरों की अच्छी टीम मौजूद थी। सुविधाओं की कमी के कारण पहले कई मरीजों को उपचार के लिए अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज नेरचौक में दिल्ली के एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसकी सटीकता (एक्यूरेसी) 90 प्रतिशत से अधिक होती है। इससे जटिल ऑपरेशन भी अधिक सुरक्षित और कम समय में किए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही मेडिकल कॉलेज नेरचौक में टेस्ला-3 एमआरआई मशीन स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही यहां टेस्ला लैब भी स्थापित की जाएगी, जिससे मरीजों को उच्च स्तर की जांच सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में एम्स स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि मरीजों को राज्य के बाहर जाने की जरूरत न पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों में रहने वाले लोगों, किसानों और मजदूरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहाकि रोबोटिक सर्जरी की लागत लगभग 5 लाख रुपये आती है, जिसमें प्रदेश सरकार करीब 4 लाख 50 हजार रुपये का योगदान देगी, जबकि मरीज को केवल लगभग 50 हजार रुपये ही खर्च करने पड़ेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिम केयर योजना के तहत भी कई नई सुविधाएं बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना में जो भी भ्रष्टाचार हुआ है, उसकी जांच भी सरकार द्वारा करवाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि हर व्यक्ति को सस्ती और बेहतर चिकित्सा सेवा मिल सके।
मंडी , 06 मार्च [ विशाल सूद ] : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंडी से मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज नेरचौक को कई जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री रहते हुए भी मेडिकल कॉलेज नेरचौक में एमआरआई मशीन स्थापित नहीं करवा पाए, जबकि यहां डॉक्टरों की अच्छी टीम मौजूद थी। सुविधाओं की कमी के कारण पहले कई मरीजों को उपचार के लिए अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी।
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मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज नेरचौक में दिल्ली के एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसकी सटीकता (एक्यूरेसी) 90 प्रतिशत से अधिक होती है। इससे जटिल ऑपरेशन भी अधिक सुरक्षित और कम समय में किए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही मेडिकल कॉलेज नेरचौक में टेस्ला-3 एमआरआई मशीन स्थापित की जाएगी।
इसके साथ ही यहां टेस्ला लैब भी स्थापित की जाएगी, जिससे मरीजों को उच्च स्तर की जांच सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में एम्स स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि मरीजों को राज्य के बाहर जाने की जरूरत न पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों में रहने वाले लोगों, किसानों और मजदूरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहाकि रोबोटिक सर्जरी की लागत लगभग 5 लाख रुपये आती है, जिसमें प्रदेश सरकार करीब 4 लाख 50 हजार रुपये का योगदान देगी, जबकि मरीज को केवल लगभग 50 हजार रुपये ही खर्च करने पड़ेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिम केयर योजना के तहत भी कई नई सुविधाएं बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना में जो भी भ्रष्टाचार हुआ है, उसकी जांच भी सरकार द्वारा करवाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि हर व्यक्ति को सस्ती और बेहतर चिकित्सा सेवा मिल सके।
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