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हमीरपुर , 03 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! सुजानपुर जैसे सुंदर और ऐतिहासिक शहर में इन दिनों एक बड़ी समस्या तेजी से विकराल रूप लेती जा रही है, और वह है बढ़ता हुआ अतिक्रमण। हालत यह है कि शहर की मुख्य बाजारों और गलियों में अब लोगों का सुरक्षित चलना तक मुश्किल हो गया है। दुकानदारों द्वारा दुकान से बाहर सामान फैलाकर किए जा रहे अतिक्रमण ने न केवल रास्तों को संकरा कर दिया है, बल्कि यह आने वाले समय में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है। अगर सुजानपुर की मुख्य बाजार की बात करें, तो बेनी गेट से लेकर मस्त हलवाई की दुकान तक कई स्थानों पर दुकानदारों ने इस कदर अतिक्रमण कर रखा है कि पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता मुश्किल से बचता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ हलवाई दुकानों के बाहर खौलते तेल की कड़ाहियां तक सड़क किनारे और बीच रास्ते में रखी हुई हैं। ऐसे में जरा सी चूक किसी राहगीर, बच्चे या बुजुर्ग के लिए गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। कोई भी व्यक्ति फिसलकर या भीड़ के दबाव में इन गर्म कड़ाहियों की चपेट में आ सकता है। यही नहीं, बस स्टैंड के पीछे और मुख्य बाजार की अन्य गलियों में भी अतिक्रमण का यही आलम है। सब्जी विक्रेताओं ने दुकानों से बाहर तक सब्जियां सजा रखी हैं। छोटे दुकानदारों ने दुकान के बाहर ही दूसरी दुकान जैसा सामान फैला रखा है। किराना, मनिहारी और कपड़ों की दुकानों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। कई दुकानों के बाहर इतना सामान रखा हुआ है कि लगता है मानो असली दुकान सड़क पर ही लगाई गई हो, जबकि अंदर का हिस्सा खाली दिखाई देता है।रास्ते जो आम जनता के आने-जाने के लिए बनाए गए थे, वे अब अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि बड़े वाहनों को छोड़िए, कई जगह छोटे वाहन तक अंदर नहीं जा पाते। पैदल चलने वालों को भी बेहद सावधानी से निकलना पड़ता है। यह केवल असुविधा का मामला नहीं, बल्कि जन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। इस पूरे मामले पर जब उपमंडल अधिकारी सुजानपुर विकास शुक्ला से बात की गई, तो उन्होंने भी माना कि यदि समय रहते इस बढ़ते अतिक्रमण को नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई दुर्घटना होने से पहले प्रशासन बढ़ते अतिक्रमण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगा, क्योंकि रास्तों पर चलने वाले हर राहगीर की जान सुरक्षित रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस बढ़ते अतिक्रमण पर वास्तव में सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी।
हमीरपुर , 03 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! सुजानपुर जैसे सुंदर और ऐतिहासिक शहर में इन दिनों एक बड़ी समस्या तेजी से विकराल रूप लेती जा रही है, और वह है बढ़ता हुआ अतिक्रमण। हालत यह है कि शहर की मुख्य बाजारों और गलियों में अब लोगों का सुरक्षित चलना तक मुश्किल हो गया है। दुकानदारों द्वारा दुकान से बाहर सामान फैलाकर किए जा रहे अतिक्रमण ने न केवल रास्तों को संकरा कर दिया है, बल्कि यह आने वाले समय में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।
अगर सुजानपुर की मुख्य बाजार की बात करें, तो बेनी गेट से लेकर मस्त हलवाई की दुकान तक कई स्थानों पर दुकानदारों ने इस कदर अतिक्रमण कर रखा है कि पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता मुश्किल से बचता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ हलवाई दुकानों के बाहर खौलते तेल की कड़ाहियां तक सड़क किनारे और बीच रास्ते में रखी हुई हैं। ऐसे में जरा सी चूक किसी राहगीर, बच्चे या बुजुर्ग के लिए गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। कोई भी व्यक्ति फिसलकर या भीड़ के दबाव में इन गर्म कड़ाहियों की चपेट में आ सकता है।
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यही नहीं, बस स्टैंड के पीछे और मुख्य बाजार की अन्य गलियों में भी अतिक्रमण का यही आलम है। सब्जी विक्रेताओं ने दुकानों से बाहर तक सब्जियां सजा रखी हैं। छोटे दुकानदारों ने दुकान के बाहर ही दूसरी दुकान जैसा सामान फैला रखा है। किराना, मनिहारी और कपड़ों की दुकानों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। कई दुकानों के बाहर इतना सामान रखा हुआ है कि लगता है मानो असली दुकान सड़क पर ही लगाई गई हो, जबकि अंदर का हिस्सा खाली दिखाई देता है।
रास्ते जो आम जनता के आने-जाने के लिए बनाए गए थे, वे अब अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं।
हालात इतने खराब हो चुके हैं कि बड़े वाहनों को छोड़िए, कई जगह छोटे वाहन तक अंदर नहीं जा पाते। पैदल चलने वालों को भी बेहद सावधानी से निकलना पड़ता है। यह केवल असुविधा का मामला नहीं, बल्कि जन सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।
इस पूरे मामले पर जब उपमंडल अधिकारी सुजानपुर विकास शुक्ला से बात की गई, तो उन्होंने भी माना कि यदि समय रहते इस बढ़ते अतिक्रमण को नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई दुर्घटना होने से पहले प्रशासन बढ़ते अतिक्रमण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगा, क्योंकि रास्तों पर चलने वाले हर राहगीर की जान सुरक्षित रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस बढ़ते अतिक्रमण पर वास्तव में सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी।
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