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शिमला , 25 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि एक साल में परिवहन विभाग ने 1 हजार करोड़ की कमाई की है, जो पहले से 75 फीसदी ज्यादा है। तीन सालों में परिवहन विभाग ने 2 हज़ार 740 करोड़ रुपए की कमाई की है। भारत सरकार ने बेहतर कार्य के लिए 93 करोड़ की प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। हिमाचल प्रदेश के लोगों में अपनी गाड़ियों के लिए फैंसी नंबर लेने के लिए भी ख़ूब रुचि देखी जा रही है। फैंसी नंबर की नीलामी से परिवहन विभाग को 81 करोड़ की कमाई हुई है, जबकि वाहनों के 0001 नंबर की बिक्री से 4.50 करोड़ की आय हुई। एचपी-97-0001 नंबर 20 लाख रुपए में नीलाम हुआ है। अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में 35 हजार के करीब टैक्सियां हैं और अब केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि टैक्सियों की जितनी लाइफ़ होगी, उतना ही परमिट जारी किया जाएगा। अब 15 साल के लिए परमिट जारी होगा। उन्होंने बताया कि ट्रकों से संबंधित मांगो को भी केंद्र के समक्ष उठाया जाएगा। परिवहन विभाग को अब ऑटो अप्रूवल प्रणाली पर लाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर नकेल कसा जाएगा। नेशनल परमिट, टूरिस्ट परमिट और गुड्स परमिट के लिए अब विभाग के नहीं आना पड़ेगा, अब ऑनलाइन मिलेंगे ये परमिट। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि डिजिटल फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने प्रकिया शुरू हो चुकी है और वाहनों की ऑटोमैटिक टेस्टिंग सिस्टम शुरू की जाएगी। परिवहन विभाग में अब विंटर गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन शुरू हो गई है और 1975 से पहले खरीदी गई गाड़ी को 10 वर्ष का विशेष रजिस्ट्रेशन दिया जाएगा। अब शोरूम से स्थाई नंबर के साथ गाड़ी बाहर निकलेगी और लोगों को नंबर लगाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए डीलर ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करके देगा।
शिमला , 25 फरवरी [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि एक साल में परिवहन विभाग ने 1 हजार करोड़ की कमाई की है, जो पहले से 75 फीसदी ज्यादा है। तीन सालों में परिवहन विभाग ने 2 हज़ार 740 करोड़ रुपए की कमाई की है। भारत सरकार ने बेहतर कार्य के लिए 93 करोड़ की प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है।
हिमाचल प्रदेश के लोगों में अपनी गाड़ियों के लिए फैंसी नंबर लेने के लिए भी ख़ूब रुचि देखी जा रही है। फैंसी नंबर की नीलामी से परिवहन विभाग को 81 करोड़ की कमाई हुई है, जबकि वाहनों के 0001 नंबर की बिक्री से 4.50 करोड़ की आय हुई। एचपी-97-0001 नंबर 20 लाख रुपए में नीलाम हुआ है।
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अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में 35 हजार के करीब टैक्सियां हैं और अब केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि टैक्सियों की जितनी लाइफ़ होगी, उतना ही परमिट जारी किया जाएगा। अब 15 साल के लिए परमिट जारी होगा। उन्होंने बताया कि ट्रकों से संबंधित मांगो को भी केंद्र के समक्ष उठाया जाएगा। परिवहन विभाग को अब ऑटो अप्रूवल प्रणाली पर लाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर नकेल कसा जाएगा। नेशनल परमिट, टूरिस्ट परमिट और गुड्स परमिट के लिए अब विभाग के नहीं आना पड़ेगा, अब ऑनलाइन मिलेंगे ये परमिट।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि डिजिटल फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने प्रकिया शुरू हो चुकी है और वाहनों की ऑटोमैटिक टेस्टिंग सिस्टम शुरू की जाएगी। परिवहन विभाग में अब विंटर गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन शुरू हो गई है और 1975 से पहले खरीदी गई गाड़ी को 10 वर्ष का विशेष रजिस्ट्रेशन दिया जाएगा। अब शोरूम से स्थाई नंबर के साथ गाड़ी बाहर निकलेगी और लोगों को नंबर लगाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए डीलर ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करके देगा।
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